तमिलनाडु सरकार ने सरकारी स्कूलों को राजनीति से दूर रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों के लिए नया निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब स्कूल परिसर और कक्षाओं में किसी भी राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी. साथ ही किसी भी राजनीतिक दल या नेता का जन्मदिन भी स्कूलों में नहीं मनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र हैं और यहां का माहौल पूरी तरह राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए. इसलिए सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.
क्या कहा गया है नए आदेश में
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार स्कूल परिसर और कक्षाओं में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि नहीं होगी. किसी भी राजनीतिक दल के नेता का जन्मदिन या अन्य राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे. राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं या पदाधिकारियों को स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों को किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल न किया जाए. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश किसी एक दल के लिए नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होगा.
Chennai | On Madras High Court orders notice to Tamil Nadu government and Education department, Tamil Nadu School Education Minister Rajmohan says, “Our government will respond to the High Court. In our schools, political activities should be avoided, and it's banned. It may be… pic.twitter.com/Yt09CNoWYs
— ANI (@ANI) July 9, 2026
क्यों लिया गया यह फैसला
यह फैसला हाल ही में हुए एक विवाद के बाद सामने आया है. कुछ सरकारी स्कूलों में एक राजनीतिक नेता के जन्मदिन के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. आरोप लगा कि इन आयोजनों में छात्रों से राजनीतिक नारे लगवाए गए और उन्हें कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया. इस घटना के बाद मामला मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंचा. अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता के खिलाफ है. इसी विवाद के बाद राज्य सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों के लिए यह नया सर्कुलर जारी कर दिया.
नया फैसला किन पर लागू होगा
सरकार ने साफ किया है कि यह प्रतिबंध किसी एक राजनीतिक दल या नेता को ध्यान में रखकर नहीं लगाया गया है. आदेश राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों और उनके नेताओं पर समान रूप से लागू होगा. सरकार का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक वातावरण पूरी तरह निष्पक्ष और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त बना रहे.
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