how to teach english to students: कक्षा 1 से कक्षा 5 तक बच्चे की पढ़ाई का बोझ ना तो माता-पिता लेते हैं और ना ही टीचर्स. इस उम्र तक बच्चे मस्ती में पढ़ते हैं. लेकिन कक्षा 6 से पढ़ाई के स्तर में बदलाव होता है. बच्चे को कई विषय पढ़ने पढ़ते हैं. इसलिए हर सब्जेक्ट को सही टाइम देना बहुत जरूरी है. इस उम्र में सही गाइडेंस से बच्चा न सिर्फ अंग्रेजी समझने लगता है बल्कि आत्मविश्वास के साथ बोलना भी सीख जाता है.
कक्षा 6 में आते ही बच्चे को इन 7 तरीकों से पढ़ाएं अंग्रेजी
बच्चे को इंग्लिश की बेसिक ग्रामर जैसे Noun, Pronoun, Verb, Tense को पढ़ाना शुरू करें. उसे उदाहरणों के साथ समझाएं.
बच्चे को रोज थोड़ी देर इंगिलश पढ़ने की आदत डालें. उसे इंग्लिश स्टोरी बुक्स, कॉमिक्स या NCERT की किताब से पढ़ने को प्रेरित करें. इससे उसकी रीडिंग स्किल बेहतर होगी और नए शब्द भी सीखेगा.
बच्चे को हर रोज इंग्लिश के 2 से 3 नए शब्द सिखाएं. फिर उन्हें वाक्य में इस्तेमाल करने को कहें. इससे बच्चे की शब्दावली मजबूत होगी.
कक्षा 6 में आते ही बच्चे को इन तरीकों से पढ़ाना शुरू करें गणित
बच्चे को अंग्रेजी में बोलने के लिए प्रोत्साहित करें. घर में रोज 10-15 मिनट अंग्रेजी में बात करने की कोशिश करें.
जितना रीडिंग और स्पीकिंग स्किल्स जरूरी है, उतनी ही राइटिंग स्किल्स भी. इसलिए बच्चे कोइंग्लिश में लिखने की प्रैक्टिस कराएं. बच्चे को रोज छोटा पैराग्राफ, डायरी या कहानी लिखने को कहें.
बच्चे को इंग्लिश कार्टून, स्टोरी वीडियो दिखाएं. इससे बच्चा सुनकर और देखकर आसानी से भाषा सीखता है.
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बच्चे को Word Games, Spelling Games, Quiz या Flash Cards खिलांए. जो सभी अंग्रेजी में खेले जाएं. इससे बच्चा सब्जेक्ट से बोर नहीं होता और सीखने में उसकी रुचि बनी रहती है.
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