शिक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में 11 बजे शुरू हुई. इस बैठक का आज दूसरा दिन था. जब बैठक शुरू हुई तब तक उस वक्त तक CBSE के अधिकारियों को भी नहीं पता था कि COEMPT कंपनी को कथित टेंडर देने के मामले की खामियों को उजागर करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत इस कमेटी के सामने पेश होकर प्रजंटेशन देंगे. स्थाई समिति की बैठक में शामिल सूत्रों के मुताबिक सार्थक ने अपने प्रजेंटेशन में सवाल उठाया कि जब टेंडर के लिए Request for Proposal जारी किया गया तब उसमें फेरबदल क्यों किया गया?
सार्थक ने इन बातों का किया जिक्र
COEMPT कंपनी के बैलेंस शीट के मुताबिक RFP में 50 करोड़ रखना हो या Blacklisted Earlier लिखना हो... या फिर कंपनी के पहले नाम Globarena के तेलांगाना शिक्षा बोर्ड के तहत काम करना हो. इस सब पर सार्थक ने सिलसिलेवार तरीके से सदस्यों के सामने बात रखी.
अगली बैठक में CBSE देगा जवाब
करीब तीन घंटे से ज्यादा चली इस बैठक खत्म होने के बाद दिग्विजय सिंह जब बाहर निकले तब उन्होंने मीडिया से कहा कि ये कमेटी का काम है कि हम जो भी करेंगे वो छात्रों की भलाई के लिए ही होगा. हालांकि सार्थक ने अपने प्रजेंटेशन में जो सवाल टेंडर प्रक्रिया पर उठाए हैं, उसका जवाब CBSE अगली बैठक में सदस्यों को देगी. इतना ही नहीं सूत्रों के मुताबिक CBSE को सदस्यों ने कहा कि जो कुछ हुआ उसका जिम्मेदार कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इस तरह की घटना के बाद जवाबदेही तय होनी चाहिए.
शिक्षा,महिला,बाल,युवा और खेल मामलों की इस समिति में 31 सदस्य होते हैं और आज भी करीब दर्जन भर अधिक सदस्य मौजूद थे. बैठक में दिग्विजय सिंह के अलावा रविशंकर प्रसाद, संबित पात्रा, जिया उर रहमान वर्क जैसे सांसदों के अलावा शिक्षा सचिव और सीबीएससी चेयरमैन भी मौजूद थे.
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