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'मैं टूट गया हूं…' CBSE री-इवैल्यूएशन पर उठे सवाल, छात्र का दावा- फोटोकॉपी में भेज दी किसी दूसरे की आंसर शीट

इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट का मूल्यांकन ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम के जरिए किया गया है. हालांकि, रिजल्ट आने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने असंतोष व्यक्त किया है. यही नहीं बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी हासिल करने के लिए आवेदन भी किया है. आवेदन के दौरान कई तरह की परेशानी छात्रों को आ रही हैं.

'मैं टूट गया हूं…' CBSE री-इवैल्यूएशन पर उठे सवाल, छात्र का दावा- फोटोकॉपी में भेज दी किसी दूसरे की आंसर शीट
सीबीएसई ने आंसर शीट स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करने की तारीख बढ़ाकर 25 मई की

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट की स्कैन कॉपी हासिल करने की अंतिम तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है. अब स्कैन कॉपी प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले छात्र 25 मई की मध्यरात्रि तक आवेदन कर सकते हैं. इस बीच छात्रों और अभिभावकों में शिकायतों की बाढ़ सी आ गई है. बोर्ड की मार्किंग सिस्टम पर कई  सवाल उठ रहे हैं. कई छात्रों ने दावा किया कि उनके अंक उम्मीद से काफी कम आए हैं. वहीं जब CBSE ने री-इवैल्यूएशन प्रोसेस शुरू किया तो कई सारी कमियां सामने आई. सबसे पहले तो ये पोर्टल ही क्रैश हो गया. CBSE का रीइवैल्यूएशन पोर्टल पर इतनी संख्या में आवेदन आएं की वो क्रैश हो गया. कई बच्चों की ओर से शिकायत आई कि पोर्टल सही से नहीं खुल रहा है. वहीं कुछ छात्रों ने कहा, उनकी आंसर शीट अधूरी ही अपलोड हुई . वहीं एक छात्र ने दावा किया कि उसकी आंसर शीट की जगह किसी ओर की आंसर शीट उसे मिली. 

"फिजिक्स की आंसर शीट मेरी नहीं"

वेदांत नाम के छात्र ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, मैं CBSE क्लास 12 का स्टूडेंट हूं. फिजिक्स में अचानक बहुत कम नंबर आने के बाद, हमने CBSE री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के जरिए अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए अप्लाई किया. आज कॉपी मिल गई और मैं टूट गया हूं. क्योंकि CBSE ने जो फिजिक्स आंसर शीट अपलोड की है, वह मेरी नहीं है. अपनी बात साबित करने के लिए वेदांत ने एक वीडियो भी शेयर की. वेदांत ने वीडियो में दिखाया कि कैसे उसकी जगह किसकी ओर की आंसर शीट का लिंक उसे दिया गया है. वेदांत ने बताया, फिजिक्स में कम नंबर आए थे. ऐसे में आंसर शीट की स्क्रैन कॉपी के लिए अप्लाई किया था. जिसके बाद सीबीएसई से आंसर शीट की री-इवैल्यूएशन का मेल आया. इस मेल में मैथमेटिक्स, फिजिक्स, कंप्यूटर साइंस और इंग्लिश की स्कैन आंसर शीट का लिंक था.

वेदांत ने कहा, "मेरे को अपने फिजिक्स के नंबर सही नहीं लग रहे थे, तो मैंने आंसर शीट के लिए अप्लाई किया. ये देखने के लिए मेरे नंबर कहां कटे हैं.  साथ ही मैंने सेफ साइड के लिए मैथ, कंप्यूटर साइंस और इंग्लिश की आंसर शीट के लिए भी अप्लाई कर दिया. वेदांत ने अपनी इंग्लिश की शीट खोलते हुए कहा कि, मेरे इंग्लिश में 91 नंबर आए. साथ ही कहा कि आप ये देखें की इसमें मेरी हैंडराइटिंग हैं".

"हम लोग पूरे साल मेहनत करते हैं"

इसके बाद वेदांत ने अपनी फिजिक्स की आंसर शीट खोली. वेदांत ने कहा, "आंसर शीट खुलते ही मैं हैरान रहे गया. शीट के शुरुआत में मेरा रोल नंबर है. ये मेरी हैंडराइटिंग है. मैं ये पहचान सकता हूं. लेकिन मैं नीचे जाता हूं. तो ये मेरी आंसर शीट ही नहीं है. ये मेरी हैंडराइटिंग नहीं है. ये कोई भी देखकर बता सकता है. आप लोग बताई की ये गलती किसी है. हम लोग पूरे साल मेहनत करते हैं.. .उसके बाद पेपर देकर आते हैं और आप मेरी आंसर शीट किसी ओर के साथ एक्सचेंज करते हो, मेरे नंबर कहां हैं. मुझे उम्मीद थी कि मेरे नंबर अच्छे आएंगे लेकिन मैंने सिर्फ 50 परसेंट नंबर ही हासिल किए. तो प्लीज हमें इसके लिए आवाज उठानी होगी. मैंने इसके लिए सीबीएसई को मेल किया है. इस गलती की वजह से मेरा फ्यूचर खतरे में हैं. किस भी अच्छे कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा. मेरे PCM का एग्रीगेट 75 परसेंट से कम हो रहा है".

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