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CBSE Board Exam: कॉपियों की डिजिटल जांच कैसे करते हैं टीचर्स? बोर्ड ने बताया 'On Screen Marking' का पूरा प्रोसेस

CBSE ने बताया कैसे होती है बोर्ड एग्जाम की कॉपियों की डिजिटल चेकिंग. जानें ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के लिए टीचर्स को मिली ट्रेनिंग की पूरी टाइमलाइन और क्लास 12 री-इवैल्यूएशन अपडेट.

CBSE Board Exam: कॉपियों की डिजिटल जांच कैसे करते हैं टीचर्स? बोर्ड ने बताया 'On Screen Marking' का पूरा प्रोसेस
सीबीएसई ने केवल कॉपियां जांचने की प्रक्रिया को ही आधुनिक नहीं बनाया है, बल्कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) का भी मजबूत विकल्प दिया है.

CBSE On Screen Marking System: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (OSM) पर उठ रहे सवालों के बीच एक्स पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. CBSE ने आखिर कॉपियों का मूल्यांकन (Evaluation) कैसे किया जाता है? क्या कॉपियां पूरी तरह सुरक्षित और सही तरीके से जांची जाती हैं? इस पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए सीबीएसई ने बताया है कि टीचर्स को ऑनलाइन यानी 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (OSM) के जरिए कॉपियां जांचने के लिए किस तरह प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी गई.

बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा समाप्त होने के बाद सबसे पहले सभी कॉपियों को एक अधिकृत एजेंसी के पास भेजा जाता है. वहां हाई-क्वालिटी स्कैनर्स की मदद से हर एक आंसर शीट को स्कैन करके डिजिटल फॉर्मेट में बदला जाता है. इसके तुरंत बाद एक कड़ा क्वालिटी चेक (Quality Check) होता है. अगर किसी भी कॉपी की स्कैनिंग धुंधली या असंतोषजनक पाई जाती है, तो उसे तुरंत दोबारा स्कैन किया जाता है ताकि टीचर्स को स्क्रीन पर मूल्यांकन करते समय कोई परेशानी न हो. 

आइए जानते हैं सीबीएसई की ओएसएम की पूरी प्रोसेस. 

ऐसे डिजिटल एक्सपर्ट बने टीचर्स

20 और 21 जनवरी 2026 (ड्राय रन)

सबसे पहले 5 चुनिंदा स्कूलों में एक ड्राय रन आयोजित किया गया, जिसमें 100 टीचर्स ने हिस्सा लिया और सिस्टम के शुरुआती रिस्पॉन्स को परखा.

9 फरवरी 2026 से (डेमो और फीडबैक)

इस तारीख से देश भर के इवैल्यूएटर्स के लिए विस्तृत ब्रीफिंग और लाइव डेमोंस्ट्रेशन शुरू हुआ. टीचर्स से फीडबैक लिया गया और उनकी सलाह के आधार पर सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया गया.

13 फरवरी 2026 (मेगा वेबिनार)

सीबीएसई ने एक बड़ा नेशनल वेबिनार आयोजित किया, जिसमें देश भर के स्कूल और शिक्षक जुड़े. इस इंफॉर्मेटिव वेबिनार की रिकॉर्डिंग को 4 लाख से अधिक लोगों ने देखा.

15 फरवरी 2026 (पोर्टल ओपन)

टीचर्स के लिए पोर्टल लाइव कर दिया गया, जहां उन्होंने पिछले वर्षों की असली कॉपियों (Actual Answer Books) पर लॉगिन करके मार्किंग की जमकर प्रैक्टिस की.

7 मार्च 2026 (इवैल्यूएशन की शुरुआत)

पूरी तरह ट्रेंड होने के बाद, टीचर्स को मुख्य इवैल्यूएशन सिस्टम में शामिल किया गया और इस साल की बोर्ड कॉपियों की लाइव चेकिंग शुरू हुई.

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