CBSE On Screen Marking System: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (OSM) पर उठ रहे सवालों के बीच एक्स पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. CBSE ने आखिर कॉपियों का मूल्यांकन (Evaluation) कैसे किया जाता है? क्या कॉपियां पूरी तरह सुरक्षित और सही तरीके से जांची जाती हैं? इस पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए सीबीएसई ने बताया है कि टीचर्स को ऑनलाइन यानी 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (OSM) के जरिए कॉपियां जांचने के लिए किस तरह प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी गई.
बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा समाप्त होने के बाद सबसे पहले सभी कॉपियों को एक अधिकृत एजेंसी के पास भेजा जाता है. वहां हाई-क्वालिटी स्कैनर्स की मदद से हर एक आंसर शीट को स्कैन करके डिजिटल फॉर्मेट में बदला जाता है. इसके तुरंत बाद एक कड़ा क्वालिटी चेक (Quality Check) होता है. अगर किसी भी कॉपी की स्कैनिंग धुंधली या असंतोषजनक पाई जाती है, तो उसे तुरंत दोबारा स्कैन किया जाता है ताकि टीचर्स को स्क्रीन पर मूल्यांकन करते समय कोई परेशानी न हो.
आइए जानते हैं सीबीएसई की ओएसएम की पूरी प्रोसेस.
ऐसे डिजिटल एक्सपर्ट बने टीचर्स
20 और 21 जनवरी 2026 (ड्राय रन)Secure. Transparent. Precise.
— CBSE HQ (@cbseindia29) May 18, 2026
OSM is transforming evaluation for the future.
From secure handling of answer books to digital evaluation and multi-level quality checks, CBSE's On-Screen Marking (OSM) system has been designed to make the evaluation process more transparent,… pic.twitter.com/tcD28dgPne
सबसे पहले 5 चुनिंदा स्कूलों में एक ड्राय रन आयोजित किया गया, जिसमें 100 टीचर्स ने हिस्सा लिया और सिस्टम के शुरुआती रिस्पॉन्स को परखा.
9 फरवरी 2026 से (डेमो और फीडबैक)इस तारीख से देश भर के इवैल्यूएटर्स के लिए विस्तृत ब्रीफिंग और लाइव डेमोंस्ट्रेशन शुरू हुआ. टीचर्स से फीडबैक लिया गया और उनकी सलाह के आधार पर सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया गया.
13 फरवरी 2026 (मेगा वेबिनार)सीबीएसई ने एक बड़ा नेशनल वेबिनार आयोजित किया, जिसमें देश भर के स्कूल और शिक्षक जुड़े. इस इंफॉर्मेटिव वेबिनार की रिकॉर्डिंग को 4 लाख से अधिक लोगों ने देखा.
15 फरवरी 2026 (पोर्टल ओपन)टीचर्स के लिए पोर्टल लाइव कर दिया गया, जहां उन्होंने पिछले वर्षों की असली कॉपियों (Actual Answer Books) पर लॉगिन करके मार्किंग की जमकर प्रैक्टिस की.
7 मार्च 2026 (इवैल्यूएशन की शुरुआत)पूरी तरह ट्रेंड होने के बाद, टीचर्स को मुख्य इवैल्यूएशन सिस्टम में शामिल किया गया और इस साल की बोर्ड कॉपियों की लाइव चेकिंग शुरू हुई.
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