CAT 99 Percentile IIM Call : अगर आप सोच रहे हैं कि कैट (CAT) के एग्जाम में 99 परसेंटाइल लाकर आपका आईआईएम (IIM) बैंगलोर या कलकत्ता में पढ़ने का सपना पूरा हो जाएगा, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं. सच तो यह है कि CAT में 99 परसेंटाइल लाना आधी जंग जीतने जैसा ही है. बाकी की जंग आपकी पिछली पढ़ाई यानी ग्रैजुएशन, हाईस्कूल और 12वीं (Graduation, 10th-12th) के मार्क्स तय करते हैं. जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा. तो चलिए जानते हैं इस एग्जाम में अच्छा स्कोर करने के बाद और क्या चीजें जो आपके आईआईएम में एडमिशन लेने की दिशा-दशा तय करती हैं.
आखिर IIMs को क्यों चाहिए ग्रेजुएशन के मार्क्स?
बता दें कि IIM सिर्फ मैथ्स विजार्ड्स नहीं ढूंढ रहे, बल्कि उन्हें ऑलराउंडर परफॉर्मर्स चाहिए. एडमिशन के लिए IIMs कम्पोजिट स्कोर(Composite Score) मांगते हैं. इसमें केवल CAT स्कोर काफी नहीं होता.
अमूमन टॉप IIMs में CAT स्कोर का वेटेज 45% से 55% के बीच ही होता है. बाकी का लगभग 45 से 55 फीसदी हिस्सा आपके एकेडमिक्स और प्रोफाइल पर निर्भर करता है:
ग्रेजुएशन मार्क्स 15 से - 25 फीसदी
10वीं और 12वीं के अंक: 10 से 15 फीसदी
वर्क एक्सपीरियंस 5 से 10 फीसदी
डायवर्सिटी5 से 10 फीसदी
अगर आप ने यह परीक्षा पास कर ली है लेकिन ग्रेजुएशन में नंबर कम हैं, तो 100 परसेंटाइल के बाद भी रिजेक्शन की लेटर आ सकता है.
ग्रेजुएशन मार्क्स का 'सेफ जोन'90 प्लस
पूरे पॉइंट्स मिलेंगे.
80-89 फीसदी
सेफ जोन स्टेटस.
70-79 फीसदी
यह खतरे की घंटी है. इसकी भरपाई के लिए CAT में 99.5 प्लस परसेंटाइल चाहिए.
70 फीसदी से कम
टॉप BLACKI IIMs मिलना बेहद मुश्किल. FMS दिल्ली या नए IIMs पर ध्यान दें.
इन सारे मापदंडों पर खरा उतरने के बाद आप कहीं आईआईएम में एडिमिशन पाते हैं.
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