CADS Certification : भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने मिलकर Certification on Audit of Digital Systems (CADS) नाम से नया सर्टिफिकेशन प्रोग्राम लॉन्च किया है. इसका प्रोग्राम को शुरू करने का उद्देश्य ऐसे प्रोफेशनल्स को तैयार करना है जो डिजिटल सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और डेटा बेस्ड सेवाओं की ऑडिटिंग में एक्सपर्टीज हासिल कर सकें. बता दें कि यह फाउंडेशन-लेवल सर्टिफिकेशन 27 अगस्त को लॉन्च किया गया और इसे SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन संचालित किया जाएगा. चार महीने का यह सर्टिफिकेशन कोर्स भारत में ग्रेजुएशन (UG) कर रहे या कर चुके सभी स्टूडेंट्स के लिए ओपन है.
क्यों खास है यह कोर्स?आज सरकारी और प्राइवेट संस्था तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड टेक्नोलॉजी, AI और डेटा बेस्ड सिस्टम पर निर्भर होते जा रहे हैं. ऐसे में इन सिस्टम्स की ट्रांसपेरेंसी, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रेंड ऑडिट प्रोफेशनल्स की जरूरत बढ़ रही है. CADS प्रोग्राम इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
6 सब्जेक्ट्स पर रहेगा फोकसकोर्स का सिलेबस इन छह चीजों पर फोकस करेगा...
इसमें सबसे पहले पब्लिक ऑडिट की बुनियादी समझ दी जाएगी. इसके बाद विद्यार्थियों को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स, डिजिटल पब्लिक प्लेटफॉर्म्स और प्राइवेसी, तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी.
प्रैक्टिकल लर्निंग पर जोर
बता दें कि ये कोर्स सिर्फ थ्योरी बेस्ड नहीं होंगे. बल्कि इसमें रियल सिचुएशन पर बेस्ड केस स्टडी, ऑडिट सीनारियो और सेल्फ-असेसमेंट मॉड्यूल भी शामिल किए गए हैं. स्टूडेंट्स का इवैल्युएशन प्रॉक्टर्ड कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के जरिए ऑफलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा.
यहां पर अवलेवल है प्रोग्रामयह कार्यक्रम IITM Pravartak Learning Management System पर SWAYAM Plus के माध्यम से उपलब्ध है.
मिलेगा एकेडेमिक क्रेडिट भीCADS का सिलेबस CAG, IIT मद्रास और IITM Pravartak के एक्सपर्ट्स द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है. यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के अनुरूप है. कोर्स पूरा करने वाले उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त अकादमिक क्रेडिट और प्रोफेशनल ट्रेनिंग दोनों का फायदा होगा.
तीन स्तरों में आगे बढ़ सकेंगे छात्रयह सर्टिफिकेशन केवल फाउंडेशन लेवल तक सीमित नहीं रहेगा. भविष्य में इसे Foundation, Proficient और Expert तीन लेवलों में विकसित किया जाएगा.
देश ही नहीं, विदेशों के लिए भी यह प्रोग्रामCADS को भूगोल-निरपेक्ष (Geography-Neutral) सर्टिफिकेशन के रूप में तैयार किया गया है. भविष्य में इसे भारत के बाहर के प्रतिभागियों तक भी पहुंचाने की योजना है. इससे ग्लोबल लेवल पर डिजिटल ऑडिटिंग एक्सपर्ट्स का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने में मदद मिल सकती है.
कार्यक्रम के लॉन्च अवसर पर IIT मद्रास परिसर में आयोजित कार्यक्रम में CAG के. संजय मूर्ति, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, संस्थान के फैकल्टी सदस्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान डेटा साइंस, AI और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े एक अन्य सर्टिफिकेशन को पूरा करने वाले अधिकारियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए.
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