BPSC 'E' Option : देशभर में होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में अब OMR शीट का मुद्दा चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. लाखों छात्र लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि परीक्षा में एक ऐसा विकल्प होना चाहिए, जिससे सवाल छोड़ने की स्थिति भी रिकॉर्ड हो सके. इसी मांग के बीच बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC ने अपनी परीक्षाओं में ‘E ऑप्शन' जोड़ दिया है. अब अगर किसी छात्र को किसी सवाल का जवाब नहीं पता है, तो वो उसे खाली छोड़ने की बजाय ‘E' ऑप्शन भर सकता है. आयोग का कहना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी. वहीं छात्रों का मानना है कि ये कदम OMR शीट से जुड़े विवाद और कथित फर्जीवाड़े को कम करने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि अब दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी इसी तरह का नियम लागू करने की मांग उठा रहे हैं.
क्या होता है OMR शीट का सिस्टम
अधिकतर सरकारी परीक्षाओं में OMR यानी Optical Mark Recognition शीट का इस्तेमाल होता है. इसमें हर सवाल के सामने A, B, C और D जैसे विकल्प दिए जाते हैं. छात्र सही जवाब के सामने गोला भरते हैं. मशीन बाद में उसी शीट को स्कैन करके रिजल्ट तैयार करती है. अब तक अगर किसी सवाल का जवाब नहीं पता होता था, तो छात्र उसे खाली छोड़ देते थे. लेकिन इसी खाली जगह को लेकर कई बार विवाद खड़े हो जाते थे.
आखिर क्यों उठी ‘E ऑप्शन' की मांग
पिछले कुछ सालों में कई परीक्षाओं के बाद सोशल मीडिया और छात्र संगठनों की तरफ से आरोप लगाए गए कि खाली छोड़े गए सवालों में बाद में गोले भर दिए गए. कई मामलों में जांच की मांग भी उठी. हालांकि हर बार गड़बड़ी साबित नहीं हुई, लेकिन छात्रों के मन में शक जरूर पैदा हुआ. इसी के बाद लगातार ये मांग होने लगी कि सवाल छोड़ने के लिए भी अलग विकल्प होना चाहिए, ताकि OMR शीट में कोई जगह खाली न रहे.
कैसे काम करेगा नया ‘E ऑप्शन'
BPSC ने अपने नए नियम में पांचवां विकल्प ‘E' जोड़ा है. इसका मतलब है ‘Not Attempted'. यानी छात्र ने सवाल छोड़ दिया है. अब अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता, तो छात्र को ‘E' भरना होगा. इससे हर सवाल के सामने कोई न कोई विकल्प जरूर दर्ज रहेगा. आयोग ने ये भी साफ किया है कि बिना कोई विकल्प भरे सवाल छोड़ने पर निगेटिव मार्किंग जैसी कार्रवाई हो सकती है.
फर्जीवाड़ा रोकने में कैसे मदद करेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि जब हर सवाल में कोई ऑप्शन पहले से भरा होगा, तो बाद में उसमें बदलाव करना मुश्किल हो जाएगा. इससे OMR शीट में छेड़छाड़ की संभावना कम होगी. जांच के दौरान भी ये साफ रहेगा कि छात्र ने सवाल छोड़ा था या जानबूझकर कोई जवाब चुना था. सबसे बड़ी बात ये है कि छात्रों का भरोसा बढ़ेगा और परीक्षा एजेंसियों की पारदर्शिता पर सवाल कम उठेंगे.
दूसरे राज्यों में भी उठ रही मांग
BPSC के इस फैसले के बाद अब कई छात्र संगठन दूसरे राज्यों के लोक सेवा आयोग और भर्ती एजेंसियों से भी यही व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि जब तकनीक के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाया जा सकता है, तो ऐसे नियम पूरे देश में लागू होने चाहिए. आने वाले समय में दूसरी परीक्षाओं में भी ‘E ऑप्शन' देखने को मिल सकता है.
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