A level maths paper controversy: ब्रिटेन में इस समय ए-लेवल (A-Level) मैथ्स परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. परीक्षा देने वाले हजारों छात्रों का आरोप है कि Pearson Edexcel का मैथ्स पेपर 1 बहुत कठिन था. छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की और परीक्षा बोर्ड से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर इतना मुश्किल प्रश्नपत्र क्यों तैयार किया गया.
क्यों भड़क गए हैं छात्र
छात्रों का कहना है कि पेपर में कई जटिल सवालप पूछे गए थे. कई परीक्षार्थियों ने दावा किया कि शुरुआती प्रश्न ही इतने कठिन थे कि वे आगे के कई सवालों तक पहुंच ही नहीं पाए. यहां तक कि मॉक टेस्ट में A ग्रेड पाने वाले कुछ छात्रों ने भी पेपर को बेहद कठिन बताया है.
सोशल मीडिया पर छात्रों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा का विषय बन गईं. कुछ छात्रों ने पेपर को भयावह बताया, जबकि कई ने कहा कि परीक्षा हॉल से निकलते समय वे रो पड़े. कुछ अभिभावकों ने भी कहा कि उनके बच्चे परीक्षा के बाद मानसिक रूप से काफी परेशान दिखाई दिए.
पेटिशन साइन करने लगे छात्र
परीक्षा के बाद छात्रों और अभिभावकों ने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिस पर 15,000 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए. याचिका में मांग की गई है कि परीक्षा की समीक्षा की जाए और यदि पेपर वास्तव में पिछले वर्षों की तुलना में कठिन पाया जाता है, तो ग्रेड में उचित बदलाव किया जाए ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सके.
Pearson Edexcel ने क्या कहा है
Pearson Edexcel ने छात्रों की शिकायतों के बीच कहा है कि सभी प्रश्नपत्र अनुभवी विशेषज्ञों की मदद से तैयार किए जाते हैं और यह सुनिश्चित किया जाता है कि वे पाठ्यक्रम और निर्धारित मानकों के अनुरूप हों. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विश्लेषण में यह पाया जाता है कि पेपर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कठिन था, तो ग्रेड उसी के अनुसार तय किए जाएंगे.
पूरे ब्रिटेन में इस परीक्षा को लेकर बहस जारी
फिलहाल, पूरे ब्रिटेन में इस परीक्षा को लेकर बहस जारी है. छात्रों की नजर अब परीक्षा बोर्ड के अगले कदम और ग्रेड फैसले पर टिकी हुई है. यदि बोर्ड कठिनाई स्तर को स्वीकार करता है, तो परिणामों में छात्रों को कुछ राहत मिल सकती है.
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