- नई दिल्ली नगर निगम ने पहली बार लिटर पिकर मशीन लेकर सड़कों की सफाई के पुराने तरीके को बदलने का प्रयास किया है
- लिटर पिकर मशीन सूखे पत्ते, प्लास्टिक के पाउच और धूल को जल्दी और बेहतर तरीके से साफ कर सकती है
- एनडीएमसी ने फिलहाल बीस मशीनें मंगवाई हैं, जो मैनुअल झाड़ू लगाने की तुलना में अधिक प्रभावी सफाई करेंगी
सालों से सड़कों की साफ-सफाई का एक ही अंदाज है. सफाई कर्मचारी के हाथ में झाड़ू और सुबह-शाम धूल उड़ते हुए झाड़ू लगाना, लेकिन पहली बार दिल्ली में NDMC यानी नई दिल्ली नगर निगम एक ऐसी मशीन लेकर आयी है, जो हाथ में झाड़ू लेकर सड़कों की सफाई के तरीके को बदल सकती है. जी हां इस मशीन का नाम लिटर पिकर मशीन (Litter Picker Machine) है.
देखने में छोटी लगने वाली ये लिटर पिकर मशीन नई दिल्ली इलाके में सूखे पत्ते और प्लास्टिक के छोटे-छोटे पाउच एवं धूल को खींच लेती है. इससे अब बेहतर तरीके से साफ-सफाई हो सकती है.
लिटर पिकर मशीन को एक सफाई कर्मचारी चलाता है. ये मशीन न सिर्फ सफाई कर सकता है, बल्कि कूड़ा भी तुरंत वहां से साफ होगा. अभी तक एक शख्स सफाई करता था, फिर कूड़ा दूसरा कोई उठाता था. अब इससे दोनों ही काम एक साथ हो सकता है.
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हालांकि साफ-सफाई को लेकर अब कई AI पावर्ड रोबोटिक मशीनें आ गई हैं, लेकिन ये सेमी आटोमेटेड मशीन से साफ-सफाई का काम इसलिए आसान होगा, क्योंकि सफाई कर्मचारी को अपने हाथों का इस्तेमाल कम से कम करना पड़ेगा.
दिल्ली से पहले इस तरह की मशीनें अहमदाबाद और तिरुवनंतपुरम जैसी निगमें कर चुकी हैं. नई दिल्ली नगर निगम दिल्ली में इसलिए खास है, क्योंकि इस निगम के पास राष्ट्रपति भवन से लेकर प्रधानमंत्री आवास समेत लुटियन जोन के साफ सफाई का जिम्मा है. ये देश की सबसे हाई प्रोफाइल निगमों में से एक है.
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