राज कुंद्रा के पास 150 करोड़ के बिटकॉइन होने का दावा, PMLA कोर्ट ने जारी किया समन

जांच एजेंसी ईडी का आरोप है कि कुंद्रा को गेन बिटकॉइन पोंजी स्कीम के मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से यूक्रेन में माइनिंग फार्म लगाने के लिए 285 बिटकॉइन मिले थे, जिनकी कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है.

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  • मुंबई की पीएमएलए कोर्ट ने बिटकॉइन घोटाले में कारोबारी राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को समन जारी किया
  • ईडी ने सितंबर 2025 में राज कुंद्रा को पोंजी घोटाले में आरोपी बनाते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी
  • राज कुंद्रा के पास 285 बिटकॉइन हैं जिनकी वर्तमान कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है
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मुंबई:

मुंबई की एक विशेष पीएमएलए कोर्ट ने बिटकॉइन घोटाला मामले में कारोबारी राज कुंद्रा को समन जारी किया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने यह कार्रवाई की. इस मामले में दुबई स्थित कारोबारी राजेश सतीजा को भी समन जारी किया गया है. दोनों आरोपियों को 19 जनवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है. ईडी ने सितंबर 2025 में पीएमएलए के तहत दर्ज मामलों की विशेष कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को आरोपी बनाया था.

कुंद्रा के पास 150 करोड़ के बिटकॉइन

जांच एजेंसी के अनुसार, कुख्यात ‘गेन बिटकॉइन पोंजी घोटाले' के मास्टरमाइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज से राज कुंद्रा को यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म स्थापित करने के लिए 285 बिटकॉइन प्राप्त हुए थे. हालांकि यह सौदा पूरा नहीं हो सका, लेकिन ईडी का दावा है कि 285 बिटकॉइन अब भी राज कुंद्रा के पास मौजूद हैं. जिनकी मौजूदा कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. चार्जशीट में कहा गया है कि शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने इस लेनदेन में खुद को महज मीडिएटर बताया, लेकिन अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी सबूत पेश नहीं कर सके.

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ईडी के सनसनीखेज दावे

ईडी के अनुसार, ‘टर्म शीट' नामक समझौता राज कुंद्रा और महेंद्र भारद्वाज के बीच हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वास्तविक समझौता राज कुंद्रा और अमित भारद्वाज (महेंद्र भारद्वाज के माध्यम से) के बीच ही था. चार्जशीट में कहा गया है कि कुंद्रा का यह दावा कि उन्होंने केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाई, स्वीकार्य नहीं है. जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि लेनदेन को सात साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज कुंद्रा को पांच अलग-अलग किश्तों में मिले बिटकॉइन की सटीक संख्या याद है, जिससे यह साबित होता है कि वे बिटकॉइन के वास्तविक लाभार्थी थे, न कि केवल मध्यस्थ.

आईफोन से क्या कनेक्शन

इस मामले में जांच एजेंसी ईडी का आरोप है कि 2018 से अब तक कई मौके दिए जाने के बावजूद राज कुंद्रा उन वॉलेट एड्रेस की जानकारी नहीं दे सके, जिनमें 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे. राज कुंद्रा ने अपने आईफोन एक्स के क्षतिग्रस्त होने को इसका कारण बताया, जिसे ईडी ने सबूत नष्ट करने और अपराध से अर्जित धन को छिपाने का जानबूझकर किया गया प्रयास बताया है.
 

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