झारखंड पुलिस ने एक संगठित और खतरनाक अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना सन्टू कुमार उर्फ कुंदन को गिरफ्तार किया है. कई राज्यों में फैला ये ऑनलाइन ठगी रैकेट अपहरण और हत्या करने तक से नहीं चूकता था. पिछले साल महाराष्ट्र के एक व्यापारी को सस्ते सामान का लालच देकर पटना बुलाया गया था और बाद में बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई थी.
किराए के मकान से चलाता था साइबर ठगी गैंग
रामगढ़ साइबर थाना और गोला थाना ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शनिवार को सन्टू कुमार उर्फ सिन्टु उर्फ कुन्दन को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की. बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला सन्टू पटना में महाराष्ट्र के व्यापारी लक्ष्मण साधु शिंदे की हत्या के मामले में वॉन्टेड था. पुलिस के मुताबिक, वह रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र के हेरमदगा गांव में किराए के मकान में रहकर साइबर ठगी का रैकेट चला रहा था.
खतरनाक गैंग का काला चिट्ठा खोला
पुलिस ने सन्टू के पास से तीन आईफोन समेत छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं,जिनमें फर्जी सिम लगे थे. इसके अलावा 4.43 लाख रुपये नकद और बिहार नंबर की काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है. पुलिस पूछताछ में सन्टू ने जो बताया वह महज साइबर ठगी नहीं बल्कि संगठित और खतरनाक अपराधी गिरोह का कच्चा चिट्ठा था.
खातों से कैसे उड़ाता था रकम, बताया
पुलिस के मुताबिक, सन्टू ने बताया कि वह बैंक का कस्टमर केयर एग्जिक्यूटिव बनकर लोगों को फंसाता था और झांसा देकर उनके मोबाइल फोन में फर्जी APK फाइल डाउनलोड कराता था. इससे का पूरा कंट्रोल उसके गिरोह के हाथ में आ जाता था. इसके बाद ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए उसके बैंक खाते से रकम साफ कर दी जाती थी.
पुणे के व्यापारी को बहाने से बुलाकर मार दिया था
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ये गिरोह व्यापारियों को फर्जी मीटिंग के बहाने बुलाकर अगवा कर लेता था और फिरौती वसूलता था. पिछले साल पुणे के व्यापारी लक्ष्मण साधु शिंदे को भी झारखंड के कोल इंडिया के फर्जी ईमेल से सस्ते में स्क्रैप खरीदने का झांसा देकर पटना बुलाकर अगवा कर लिया गया था. एटीएम पिन नहीं बताने पर उनकी बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.
रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बताया कि तकनीकी निगरानी और ऐप की मदद से इस कुख्यात अपराधी को पकड़ने में सफलता मिली है. इसे साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.














