NEET 2017: क्या है नीट, क्यों होती है नीट की परीक्षा, जानिए इसके बारे में
आखिरकार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानि नीट के नतीजे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके नतीजों पर लगी रोक को हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि सीबीएसई की याचिका पर सभी संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से कहा है कि वह जल्द नीट 2017 का रिजल्ट जारी करे और काउंसलिंग शुरू करे. देशभर के छात्र सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. इस बीच कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें नीट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.
आइए हम आपको बताते हैं कि नीट है क्या.
नीट का आयोजन मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है. मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में इस राष्ट्रीय स्तरीय प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला दिया जाता है. हालांकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जेआईपीएमईआर, पांडुचेरी) को इस परीक्षा से छूट प्राप्त है. इस दोनों संस्थानों में मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाई जाती है.
CBSE NEET 2017: कितनी रहेगी कटऑफ, जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय
IIT-JEE 2017: सिर्फ 14 फीसदी लड़कियां ही कर पाईं क्वालीफाई
इससे पहले यह परीक्षा 'एआईपीएमटी' (ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट) कहलाती थी. यह परीक्षा देशभर में एक साथ होती थी. इस परीक्षा में आए अंकों के आधार पर ही छात्रों को केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मेडिकल संस्थानों में प्रवेश दिया जाता था. लेकिन सरकार ने पारदर्शिता, मेडिकल शिक्षा में उच्च मानक स्थापित करने और छात्रों को कई परीक्षाओं के बोझ से बचाने के लिए देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए एक परीक्षा आयोजित कराने का फैसला लिया. नीट प्रवेश परीक्षा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि सीबीएसई द्वारा किया जाता है.
JEE Advanced 2017: टॉप 100 में कोटा के करीब 40 छात्र शामिल
आइए हम आपको बताते हैं कि नीट है क्या.
नीट का आयोजन मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस में प्रवेश के लिए किया जाता है. मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेटल कांउसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में इस राष्ट्रीय स्तरीय प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला दिया जाता है. हालांकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जेआईपीएमईआर, पांडुचेरी) को इस परीक्षा से छूट प्राप्त है. इस दोनों संस्थानों में मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाई जाती है.
CBSE NEET 2017: कितनी रहेगी कटऑफ, जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय
IIT-JEE 2017: सिर्फ 14 फीसदी लड़कियां ही कर पाईं क्वालीफाई
इससे पहले यह परीक्षा 'एआईपीएमटी' (ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट) कहलाती थी. यह परीक्षा देशभर में एक साथ होती थी. इस परीक्षा में आए अंकों के आधार पर ही छात्रों को केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मेडिकल संस्थानों में प्रवेश दिया जाता था. लेकिन सरकार ने पारदर्शिता, मेडिकल शिक्षा में उच्च मानक स्थापित करने और छात्रों को कई परीक्षाओं के बोझ से बचाने के लिए देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए एक परीक्षा आयोजित कराने का फैसला लिया. नीट प्रवेश परीक्षा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि सीबीएसई द्वारा किया जाता है.
JEE Advanced 2017: टॉप 100 में कोटा के करीब 40 छात्र शामिल
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Neet 2017, NEET Result 2017, Neet Result, Petition, New Delhi Medical Council Of India, Central Board Of Secondary Education, CBSE Officials