
प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की पहल के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) परीक्षा प्रणाली में ग्रेड एवं क्रेडिट ट्रांसफर, संतुलन पद्धति, मांग आधारित परीक्षा, आंतरिक परीक्षा तथा बाह्य परीक्षा समेत परीक्षा पैटर्न में बदलाव की तैयारी कर रहा है. यूजीसी के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग ने उच्च शैक्षिक संस्थानों में इन संरचनात्मक एवं प्रणालीगत परिवर्तन के बारे में विभिन पक्षकारों से राय मांगी गई है. इस बारे में सुझाव 22 जून 2018 तक भेजे जा सकते हैं . उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिये आयोग ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में परीक्षा सुधार के लिये विशेष निर्दिष्ट विषय वस्तु पर विचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिये सुझाव मांगा है . उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में अकादमिक सुधार के उद्देश्य से शिक्षक, छात्र, परीक्षा नियंत्रक, शिक्षा कार्मिक, प्रतिष्ठित शिक्षाविद तथा जन साधारण से सुझाव मांगे गए हैं. इसके तहत शिक्षा के विभिन्न पक्षकारों से परीक्षा प्रणाली के उद्देश्य, भारत में अनुसरण किये जा सकने योग्य परीक्षा प्रणाली के मॉडल तथा परीक्षा प्रणाली में अपेक्षित संरचनात्मक एवं प्रणालीगत परिवर्तन के बारे में राय मांगी गई है. आयोग ने परीक्षा प्रणाली में श्रेणी तथा अंकीकरण (ग्रेड एवं क्रेडिट ट्रांसफर), संतुलन पद्धति, मांग आधारित परीक्षा, आंतरिक परीक्षा तथा बाह्य परीक्षा के बारे में भी सुझाव मांगे गए हैं.
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यूजीसी ने आकदमिक सुधार के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप, प्रश्न कोष, न्यूनतम मानकीकृत संरचना की जरूरत तथा डिग्री के अंत में सभी स्नातक, पूर्व छात्रों की क्षमता की जांच के महत्व के बारे में राय मांगी है. आयोग ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम की घोषणा तथा अंकतालिक एवं डिग्रियां प्रदान करने के विषय पर भी राय मांगी है. अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में अकादमिक सुधार लाने के लिये विविध सुधार एवं परिवर्तन किये हैं. उच्च शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अधिगम परिणामों पर आधारित पाठ्यक्रम प्रारूप के आधार पर पाठ्यक्रम का निर्माण, विकास एवं नियमित संशोधन यूजीसी की एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार कार्य इस दिशा में किये गए प्रमुख कार्य परिवर्तनों में से एक हैं. इन परिवर्तनों में परस्पर सामंजस्य के लिये परीक्षा प्रणाली में इन सुधार कार्यों को प्रस्तावित करने के लिये एक समिति का गठन किया गया है.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यूजीसी ने आकदमिक सुधार के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप, प्रश्न कोष, न्यूनतम मानकीकृत संरचना की जरूरत तथा डिग्री के अंत में सभी स्नातक, पूर्व छात्रों की क्षमता की जांच के महत्व के बारे में राय मांगी है. आयोग ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम की घोषणा तथा अंकतालिक एवं डिग्रियां प्रदान करने के विषय पर भी राय मांगी है. अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों में अकादमिक सुधार लाने के लिये विविध सुधार एवं परिवर्तन किये हैं. उच्च शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अधिगम परिणामों पर आधारित पाठ्यक्रम प्रारूप के आधार पर पाठ्यक्रम का निर्माण, विकास एवं नियमित संशोधन यूजीसी की एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार कार्य इस दिशा में किये गए प्रमुख कार्य परिवर्तनों में से एक हैं. इन परिवर्तनों में परस्पर सामंजस्य के लिये परीक्षा प्रणाली में इन सुधार कार्यों को प्रस्तावित करने के लिये एक समिति का गठन किया गया है.
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