Super 30 की तरह ओडिशा के अजय बहादुर सिंह दे रहे हैं मुफ्त शिक्षा, उनके 14 छात्रों ने क्रैक किया NEET 2019

पटना के आनंद कुमार के प्रसिद्ध सुपर 30 से प्रेरित होकर अजय बहादुर सिंह ओडिशा में वंचित छात्रों को मुफ्त चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और अब उनकी पहल के नतीजे आ रहे हैं.

Super 30 की तरह ओडिशा के अजय बहादुर सिंह दे रहे हैं मुफ्त शिक्षा, उनके 14 छात्रों ने क्रैक किया NEET 2019

Super 30 की तरह ओडिशा के अजय बहादुर सिंह दे रहे हैं मुफ्त शिक्षा.

पटना के आनंद कुमार के प्रसिद्ध सुपर 30 से प्रेरित होकर अजय बहादुर सिंह ओडिशा में वंचित छात्रों को मुफ्त चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और अब उनकी पहल के नतीजे आ रहे हैं. ओडिशा के 14 वंचित छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में सफलता अर्जित की है. उन्होंने अजय बहादुर सिंह के जिंदगी फाउंडेशन का आभार जताया है। नीट, मेडिकल कोर्स के लिए राष्ट्रीय स्तर की एकमात्र प्रवेश परीक्षा है.

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20 छात्रों में से 18 ने बीते साल नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि 12 छात्रों ने ओडिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया. हर साल 'जिंदगी फाउंडेशन' कुछ चयनित वंचित छात्रों को भोजन, आवास व कोचिंग की मुफ्त व्यवस्था करता है. अजय बहादुर सिंह ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि मेरे प्रयासों के नतीजे आ रहे हैं. इस साल सभी 14 छात्रों ने नीट उत्तीर्ण किया है और मुझे भरोसा है कि वे राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट प्राप्त करेंगे."

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अजय आने वाले सालों में छात्रों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं. मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाले फांउडेशन में शामिल छात्रों की कुछ प्रेरणादायी कहानियां हैं. नीट में अखिल भारतीय स्तर पर 15,295 रैंक हासिल करने वाले कृष्णा मोहंती ने कहा, "मेरी मां जीवन निर्वाह के लिए इस्कॉन मंदिर के पास 'काकरा पीठा' (एक मीठा तला हुआ केक) बेचती है. मेरे पिता की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. उस समय मैं छठीं कक्षा में था. 12वीं करने के बाद मैं मेडिकल शिक्षा का अध्ययन करना चाहता था, लेकिन मेरी शिक्षा में सहयोग के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे. अजय सर ने सपनों को साकार करने में मेरी मदद की."

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अनिरुद्ध नायक ने भी अपनी कहानी बताई. वह कटक जिले के नरसिंहपुर इलाके के रहने वाले हैं. अनिरुद्ध ने कहा, "मैं हमेशा से एक चिकित्सक बनना चाहता था और लोगों की सेवा करना चाहता था. लेकिन मेरे परिवार की वित्तीय स्थिति बहुत खराब है और मेडिकल शिक्षा के लिए मैं कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकता. मेरे पिता हैदराबाद में होटल सुपरवाइजर हैं."


नायक ने बीजेबी जूनियर कॉलेज से 12वीं में 83 फीसदी अंक हासिल किया है. वह जिंदगी के प्रवेश परीक्षा में चयनित हुए, जहां उन्हें मुफ्त रहने व खाने के साथ मेडिकल कोचिंग मिली. नायक ने नीट में अखिल भारतीय स्तर पर 5,562 रैंक हासिल किया है.

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(इनपुट-आईएएनएस)