Shivaji Quotes: "जब हौसले बुलंद हों, तो पहाड़ भी एक मिट्टी का ढेर लगता है", जानिए शिवाजी के 10 विचार

Shivaji Maharaj Jayanti: छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म सन्‌ 19 फरवरी 1630 में मराठा परिवार में हुआ था.

Shivaji Quotes:

Shivaji Maharaj Jayanti: वर्ष 1674 में शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी.

खास बातें

  • शिवाजी महाराज की आज जयंती है.
  • 1674 में शिवाजी ने मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी.
  • उन्होंने कई सालों तक औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया.
नई दिल्‍ली:

भारत के वीर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज की आज जयंती (Chhatrapati Shivaji Jayanti) हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) का जन्म सन्‌ 19 फरवरी 1630 में मराठा परिवार में हुआ था. बहुत से लोग इन्हें शिवाजी (Shivaji) को हिंदू हृदय सम्राट कहते हैं तो कुछ लोग इन्हें मराठा गौरव भी कहते हैं. वर्ष 1674 में शिवाजी ने ही पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी. उन्होंने कई सालों तक औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया. भले ही शिवाजी आज हमारे बीच नहीं है लेकिन दुनिया उनके पराक्रम और साहस को नहीं भूली है. शिवाजी की कही बातें आज भी लोगों के जीवन में परिवर्तन ला रही हैं. आइये जानते हैं छत्रपति शिवाजी महाराज की कही 10 बातों के बारे में...
 

छत्रपति शिवाजी महाराज के 10 विचार (Chhatrapati Shivaji Quotes)
 

1. "एक छोटा कदम छोटे लक्ष्य पर, बाद मे विशाल लक्ष्य भी हासिल करा देता है.

2. "जब हौसले बुलंद हों, तो पहाड़ भी एक मिट्टी का ढेर लगता है."

3. "अगर मनुष्य के पास आत्मबल है, तो वो समस्त संसार पर अपने हौसले से विजय पताका लहरा सकता है."


4. "शत्रु को कमजोर न समझो, तो अत्यधिक बलिष्ठ समझ कर डरना भी नहीं चाहिए."

5. "जब लक्ष्य जीत का हो, तो हासिल करने के लिए कितना भी परिश्रम, कोई भी मूल्य, क्योंं न हो उसे चुकाना ही पड़ता है."

6. "जो मनुष्य समय के कुचक्र में भी पूरी शिद्दत से अपने कार्यो मे लगा रहता है, उसके लिए समय खुद बदल जाता है."

7. "कोई भी कार्य करने से पहले उसका परिणाम सोच लेना हितकर होता है, क्योंकि हमारी आने वाली पीढ़ी उसी का अनुसरण करती है."

8. "शत्रु चाहे कितना ही बलवान क्यों न हो, उसे अपने इरादों और उत्साह मात्र से भी परास्त किया जा सकता है."

9. स्वतंत्रता एक वरदान है, जिसे पाने का अधिकारी हर कोई है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


10. "एक सफल मनुष्य अपने कर्तव्य की पराकाष्ठा के लिए समुचित मानव जाति की चुनौती स्वीकार कर लेता है."