खास बातें
- योजना आयोग ने कहा कि राज्यों में बीपीएल की संख्या 36% तय करने के बारे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाए गए सवालों का वह एक सप्ताह में जवाब दे देगा।
New Delhi: योजना आयोग ने कहा कि राज्यों में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों (बीपीएल) की संख्या 36 प्रतिशत तय करने के बारे में उच्चतम न्यायालय द्वारा उठाये गए सवालों का वह एक सप्ताह में जवाब दे देगा। आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने संवाददाताओं के पूछने पर कहा, न्यायालय ने राज्यों में गरीबों की संख्या तय किए जाने के पीछे क्या आधार है और उसका औचित्य पूछा है, हमारा विचार जानना चाहा है, हम न्यायालय को इसके बारे में अपने विचार से अवगत कराएंगे। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने गरीबों को मुफ्त अनाज देने के मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने कहा था कि एक समृद्ध और दूसरा भुखमरी का शिकार दो भारत नहीं हो सकते हैं। न्यायालय ने भुखमरी से ग्रस्त राज्यों में अतिरिक्त अनाज देने की संभावना पर केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है इसके साथ ही न्यायालय ने योजना आयोग से भी राज्यों में गरीब (बीपीएल) परिवारों का अनुपात उनकी जनसंख्या के 36 प्रतिशत तय किए जाने के पीछे के आधार को भी जानना चाहा। अहलूवालिया प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई आयोग की पूर्ण बैठक के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।