यह ख़बर 16 अक्टूबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

विश्व बैंक ने भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 4.7 प्रतिशत किया

नई दिल्ली:

विश्व बंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के लिए आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को घटाकर 4.7 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले विश्व बैंक ने वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री (दक्षिण एशिया) मार्टिन रामा ने बुधवार को कहा, रपट (इंडिया डेवलपमेंट अपडेट) में मौजूदा वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो वित्त वर्ष 2015 में बढ़कर 6.2 प्रतिशत होगी।

विश्व बैंक ने अप्रैल में अनुमान व्यक्त किया था कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर मौजूदा वित्त वर्ष में 6.1 प्रतिशत रहेगी और अगले वित्त वर्ष में यह 6.7 प्रतिशत हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने भी 2013-14 में भारत की औसत वृद्धि दर लगभग 3.75 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

भारत की वृद्धि दर मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में घटकर पांच प्रतिशत रह गई जो कि बीते दशक में औसतन 8 प्रतिशत रही थी। विश्व बैंक ने कहा है कि 2013-14 में आर्थिक गतिविधियों की गति पर पहली तिमाही के कमजोर परिणाम का असर होगा।

रामा ने कहा, हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उत्पादन वृद्धि घटकर 4.4 प्रतिशत रह गई लेकिन 2013-14 की दूसरी तिमाही में वृद्धि दर मजबूत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्रास्फीति में नरमी, बंपर फसल उत्पादन जैसे कारक सकारात्मक असर डालेंगे।

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उन्होंने कहा कि बुवाई क्षेत्र में पांच प्रतिशत की बढोतरी से कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो एक साल पहले 1.9 प्रतिशत थी।