राजस्व सचिव डॉ हसमुख अधिया ने बताया, क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिलों का भुगतान करने पर दोहरा जीएसटी चुकाने की बात पूरी तरह झूठ है...
नई दिल्ली: देश में गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी को 1 जुलाई से लागू किए जाने के 'आर्किटेक्ट' कहे जाने वाले राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर जीएसटी को लेकर लोगों की उन गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश की है, जो सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं...
डॉ हसमुख अधिया ने क्रेडिट कार्डों के ज़रिये यूटिलिटी बिल (बिजली-पानी-टेलीफोन आदि के बिल) का भुगतान करने पर दोहरा जीएसटी देने से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह करते हुए लिखा, "सोशल मीडिया पर एक गलत संदेश फैल रहा है कि अगर आप यूटिलिटी बिल का भुगतान क्रेडिट कार्ड के ज़रिये करेंगे, तो आपको दोहरा जीएसटी अदा करना होगा..."
राजस्व सचिव ने एक के बाद किए दो ट्वीट में यह भी लिखा, "यह पूरी तरह झूठ है..." उन्होंने लोगों से 'इस तरह के संदेशों को बिना सच्चाई जाने फैलाने से बचने का भी आग्रह किया...'
गौरतलब है कि इसी माह की 1 तारीख से देश में कई केंद्रीय व राज्यीय करों का स्थान जीएसटी ने ले लिया है, जिनमें उत्पाद शुल्क और सेवा कर (सर्विस टैक्स) भी शामिल हैं. वैसे, ध्यान देने लायक बात यह है कि जीएसटी से पहले भी चूंकि यूटिलिटी बिलों का भुगतान क्रेडिट कार्ड से करने पर किसी तरह का सेवा कर नहीं वसूला जाता था, सो, अब भी उसमें कोई फर्क नहीं आएगा.
लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सर्विस टैक्स से, या कहें कि जीएसटी के असर से पूरी तरह बचने के लिए आपको क्रेडिट कार्ड कंपनी को देय राशि का भुगतान समय रहते कर देना होगा, क्योंकि यदि आपने भुगतान देर से किया, तो कार्ड कंपनी आप पर लेट फी या जुर्माने के रूप में कोई राशि वसूलेगी, और जुर्माने की उस राशि पर आपको 18 फीसदी जीएसटी भी चुकाना होगा.