जेटली के बजट पर क्या कह रहे हैं अर्थशास्त्री

बजट पेश करते अरुण जेटली

अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट को प्रो-मार्केट और प्रो-इंडस्ट्री माना जा रहा है। इसको लेकर अर्थशास्त्रियों और कारोबारियों में उम्मीद दिख रही है।

जाने माने अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय ने @bibekdebroy ने ट्वीट किया, 'सब्जेक्टिवली, नहीं ऑबेजेक्टेवली, ये बहुत अच्छा बजट है।'

एक अन्य मशहूर अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने अपने यूज़र हैंडल @surjitbhalla से ट्वीट किया, 'बजट काफी ज़िम्मेदारी भरा है, ग्रोथ के लिए है, गरीबी दूर करने के लिए है। नाम के वास्ते नहीं है।'

आरपीजी कारोबारी समूह के मुखिया हर्ष गोयनका @hvgoenka ने ट्वीट किया, 'कोई बड़ा सुधार नहीं, है जेट-ली जैसा मूव नहीं है लेकिन ये एक संतुलित बजट है।'

जानेमाने वकील हरीश साल्वे @hsalve ने सरकार की अगली चुनौती के बारे में लिखा है, 'वित्तमंत्रालय के सामने अब चुनौती होगी कि वो काले धन के खिलाफ अभियान कैसे शुरू करें, जिससे टैक्स पेयर को मुश्किल नहीं हो।'

बजट के प्रावधानों में पहली बार योग पर होने वाले खर्च पर इनकम टैक्स में छूट देने को शामिल किया गया है। इस देश के सबसे बड़े योग गुरुओं में शामिल बाबा रामदेव ने कहा, 'श्री अरुण जेटली को आर्शीवाद, उन्होंने इनकम टैक्स एक्ट के चैरेटिबल उद्देश्यों में योग को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।'

बायोकॉन के प्रमुख किरण मजूमदार शॉ @kiranshaw ने लिखा है, 'जीएएआर को दो साल के टाल दिया गया है और इसका प्रभाव जरूर होगा।'

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क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी @EconomistDK की राय है, 'वित्त आयोग ने राजकोषीय घाटे को कुल जीडीपी के 3.6 फीसदी करने की अनुशंसा की थी, जिसे अब 3.9 फीसदी किया है, इससे अब खर्च के लिए ज्यादा पूंजी होगी।'