यह ख़बर 14 जुलाई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

कमजोर रुपये से और प्रभावित हो सकता है व्यापार घाटा और कैड

खास बातें

  • पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष सुमन ज्योति खेतान ने कहा ‘यदि रुपये में गिरावट जारी रहती है तो भारत का व्यापार घाटा हरसंभव सीमापार कर जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय निवेश कम होगा जिससे वृद्धि में सुधार की संभावनाएं प्रभावित
नई दिल्ली:

रुपये में लगातार गिरावट से देश का व्यापार घाटा और चालू खाते के घाटे (कैड) के प्रभावित होने की आशंका है।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष सुमन ज्योति खेतान ने कहा ‘यदि रुपये में गिरावट जारी रहती है तो भारत का व्यापार घाटा हरसंभव सीमापार कर जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय निवेश कम होगा जिससे वृद्धि में सुधार की संभावनाएं प्रभावित होंगी।’

रुपया पिछले सप्ताह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 61.19 के न्यूनतम स्तर पर आ गया था।

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खेतान ने कहा कि ऐसे समय में जबकि चालू खाते का घाटा और राजकोषीय घाटा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, रुपये में लगातार गिरावट से सरकार की चिंता और बढ़ेगी।