यह ख़बर 22 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'अमेरिकी मंदी का असर भारतीय विकास दर पड़ेगा'

खास बातें

  • डेलॉयट ने कहा कि अमेरिका पर भारत की निर्भरता बढ़ी है। यह इसी से पता चलता है कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका पहली पसंद है।
नई दिल्ली:

वैश्विक परामर्श कम्पनी डेलॉयट का कहना है कि यदि अमेरिका में फिर से एक बार मंदी आती है, तो भारत को निर्यात में कमी, वित्तीय बाजार में अस्थिरता, बेरोजगारी में वृद्धि और विकास दर में कमी का सामना करना पड़ सकता है। डेलॉयट ने कहा कि अमेरिका पर भारत की निर्भरता बढ़ी है। यह इसी से पता चलता है कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका पहली पसंद है और भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए अमेरिका तीसरा सबसे बड़ा स्रोत है। डेलॉयट द्वारा जारी रिपोर्ट 'डीकॉनोमिक्स' में कहा गया, "अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कोई भी नकारात्मक विकास पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा। यदि डॉलर की कीमत घटेगी, तो भारत सहित विभिन्न देशों के भंडार में मौजूद डॉलर का कुल मूल्य भी घटेगा।" रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि यदि भारत में कृषि और विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहे, तो भारत कुछ हद तक इस स्थिति से मुकाबला करने की स्थिति में रहेगा। डेलॉयट ने कहा, "हाल में पूरा किया गया सिंगापुर, जापान और मलेशिया के साथ आर्थिक सहयोग समझौता और आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय कारोबारी इसका फायदा उठा सकते हैं।"


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