खास बातें
- पी चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मंशा पर शक करने के बजाय यह बेहतर होगा कि उनके सीने में चाकू घोंप दिया जाए।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूर्व घोषित रणनीति के तहत सोमवार को एक बार फिर एयरसेल-मैक्सिस सौदे पर गृहमंत्री पी चिदंबरम को घेरा और पार्टी नेता अरुण जेटली ने राज्य सभा में कहा कि इस डील को पारित करने में कुछ गड़बड़ी दिखाई देती है।
पी चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मंशा पर शक करने के बजाय यह बेहतर होगा कि उनके सीने में चाकू घोंप दिया जाए।
संसद में चिदंबरम ने कहा कि वह विपक्ष का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने सफाई में कहा कि उन्होंने जानबूझकर सौदे की इजाजत देने में देरी नहीं की। उन्होंने यह भी साफ कहा कि न ही उनका और न ही उनके परिवार को किसी सदस्या का पैसा किसी भी टेलीकॉम कंपनी में कभी भी सीधे तौर पर या परोक्ष रूप से नहीं लगा।
गौरतलब है कि जनता पार्टी के प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि चिदंबरम ने जानबूझकर एयरसेल की बिक्री के लिए इजाजत देने में देरी की ताकि चिदंबरम के बेटे एयरसेल में पैसा लगाकर मैक्सिस से होने वाले सौदे से फायदा उठा सकें।