खास बातें
- रुपये में गिरावट थामने के लिए रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप ने भारतीय शेयर बाजार को ट्रिलियन डॉलर (1,000 अरब डॉलर) का तमगा बनाए रखने में मदद की है।
New Delhi: रिजर्व बैंक के नीतिगत उपाय भले ही सेंसेक्स को दो साल के निचले स्तर पर जाने से रोकने में विफल रहे हों, लेकिन रुपये में गिरावट थामने के लिए बैंक के हस्तक्षेप ने भारतीय शेयर बाजार को फिलहाल अपना ट्रिलियन डॉलर (1,000 अरब डॉलर) का तमगा बरकरार रखने में मदद की है। रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों के साथ छेड़छाड़ नहीं किए जाने के बावजूद निवेशकों की धारणा मजबूत नहीं हुई और सेंसेक्स दो साल के निचले स्तर पर आ गया। इस दौरान, भारतीय शेयर बाजार का बाजार पूंजीकरण जिसे सभी सूचीबद्ध शेयरों के सकल मूल्य के तौर पर मापा जाता है, घटकर 54,11,301.50 करोड़ रुपये रह गया, जो मौजूदा मुद्रा दरों के मुताबिक एक ट्रिलियन डॉलर (1,000 अरब डॉलर) से थोड़ा अधिक है। डॉलर के संदर्भ में अगर रुपया 54 के स्तर पर कायम रह गया होता, तो भारतीय शेयर बाजार अपना ट्रिलियन डॉलर का तमगा खो देता। बृहस्पतिवार को रुपया 54.30 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। लेकिन रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से इसमें गिरावट थमी और यह फिर से 52 के स्तर पर लौट आया। अगर रुपया बृहस्पतिवार के रिकॉर्ड निचले स्तर पर होता, तो भारतीय शेयर बाजार का आकार शुक्रवार को कारोबार बंद होने पर घटकर 996.5 अरब डॉलर रह गया होता।