खास बातें
- भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) समय पर सेवाएं शुरू न करने वाली कंपनियों के 74 लाइसेंस रद्द करने की अपनी सिफारिश पर कायम है।
नई दिल्ली: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) समय पर सेवाएं शुरू न करने वाली कंपनियों के 74 लाइसेंस रद्द करने की अपनी सिफारिश पर कायम है। इससे दूरसंचार विभाग (डॉट) दुविधा की स्थिति में फंस गया है। डॉट ने इस बात पर जोर दिया है कि सिर्फ 12 लाइसेंस ही रद्द करने की जरूरत है। ट्राई ने डॉट को भेजे पत्र में कहा है कि उसने इस बारे में उच्चतम न्यायालय के दो पूर्व जजों से कानूनी राय ले ली है। उन्होंने ट्राई के विचारों का समर्थन किया है। डॉट ने ट्राई को पत्र भेजकर दिसंबर, 2006 से जारी 74 लाइसेंसों को रद्द करने की अपनी सिफारिश पर पुनर्विचार करने को कहा था। इस पर ट्राई ने अपना जवाब भेज दिया है और वह अपने पुराने रुख पर कायम है, जिससे दूरसंचार विभाग के लिए कठिन स्थिति पैदा हो गई है। डॉट ने ट्राई के 74 लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश को सिर्फ 12 तक सीमित कर दिया था। डॉट ने कहा था कि सेवाएं शुरू करने में विलंब के लिए कुल मिलाकर सिर्फ 15 लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। इनमें तीन वे लाइसेंस शामिल हैं, जिनके बारे में ट्राई ने सिफारिश नहीं की है। ट्राई ने कहा, तीन लाइसेंस के संदर्भ में हम डॉट के विचारों से सहमत हैं। शेष के मामले में हम यह डॉट पर छोड़ते हैं कि वह सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कितना जुर्माना लगाता है। डॉट का कहना है कि लाइसेंस के नियम और शर्तों के अनुसार यदि कोई ऑपरेटर लाइसेंस पाने के 52 सप्ताह में सेवा शुरू नहीं करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।