खास बातें
- मर्डोक टेलीफोन हैकिंग की कहानी का केंद्र बिंदु अब ब्रिटेन का संचार नियामक आफकॉम तथा संसद का निचला सदन हाउस ऑफ कामंस हो गया है। एक संसदीय समिति ने पाया है कि मीडिया मुगल रूपर्ट मर्डोक किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के लिए 'फिट' नहीं हैं।
नई दिल्ली: मर्डोक टेलीफोन हैकिंग की कहानी का केंद्र बिंदु अब ब्रिटेन का संचार नियामक आफकॉम तथा संसद का निचला सदन हाउस ऑफ कामंस हो गया है। एक संसदीय समिति ने पाया है कि मीडिया मुगल रूपर्ट मर्डोक किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के लिए 'फिट' नहीं हैं।
आफकॉम अब यह फैसला करने की प्रक्रिया में है कि क्या बीस्काईबी प्रसारण लाइसेंस रखने के लायक 'दुरुस्त और ठीक' संगठन है। बीस्काईबी में मर्डोक के न्यूज कारपोरेशन की 39 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उल्लेखनीय है कि मर्डोक के स्वामित्व वाली एक अन्य कंपनी न्यूज इंटरनेशनल में फोन हैकिंग के मामले सामने आये हैं।
अगर बीस्काईबी 'पाक साफ' होने की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है तो आफकॉम इस कंपनी से खुद को ऐसी कंपनियों और व्यक्तियों के शेयरों से अलग होने को कह सकता है जो ऐसी कंपनी या व्यक्ति के पास हैं जिनके खिलाफ इस मामले की दृष्टि से प्रासंगिक 'कदाचार' का मामला सामने आया हो।
बीस्काईबी ने आज जोर देकर कहा कि वह 'फिट व उचित' कंपनी है। मर्डोक ने मंगलवार को कंपनी के 50,000 कमर्चारियों को भेजे पत्र में कहा था कि फोन हैकिंग घपले के बाद कंपनी और 'बेहतर व मजबूत' होकर उभर सकती है लेकिन यह भी कहा कि समिति के कुछ निष्कर्ष 'कठोर' तथा 'अनुचित तथा बहुत ही पक्षपाती' हैं।
संस्कृति, मीडिया तथा खेल चयन समिति की कल की रपट के अनुसार मर्डोक के लिए प्रस्तुत व्यक्तियों ने समिति को दिग्भ्रमित किया। हाउस आव कामंस में एक प्रस्ताव रखा जा सकता है और इन व्यक्तियों को सदन के कठघरे में खड़ा कर फटकार सुनाई जा सकती है।