क्या पूरी तरह से तैयार है टाटा की नई हेक्सा?

क्या पूरी तरह से तैयार है टाटा की नई हेक्सा?

नई दिल्ली:

टाटा मोटर्स तैयार है अपनी नई एसयूवी हेक्सा के साथ. चर्चा बहुत वक्त से हो रही थी कि क्या टाटा आरिया तो रिप्लेस कर रही है या नया कुछ लेकर आ रही है और सच्चाई शायद इन सवालों के बीच में है. टाटा मोटर्स ये सबकुछ एक सा कर रही है अपनी आनेवाली एसयूवी हेक्सा में. एक बिल्कुल नए स्पेस में एंट्री करने के लिए नए मूड की कार को तैयार किया है कंपनी ने.
 


क्या है कंपनी की कोशिश?
टाटा मोटर्स ने आरिया को भी इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से तैयार करके उतारा था, लेकिन हेक्सा उससे भी ज्यादा तैयार की गई है. अमेरीका, फ्रांस ,यूके  वगैरह की कंपनियों के साथ कार के कई मेकेनिज़्म को डेवलप किया गया है और अंतरराष्ट्रीय पैमाने पर एसयूवी जैसी होती हैं, वैसे ही फीचर्स हेक्सा में देने की कोशिश भी की गई है. हैंडलिंग और प्रदर्शन के इलाके में भी कंपनी ने हेक्सा पर काफी काम किया है, जिससे ये सॉफ्टरोडर या शहरी एसयूवी ही न कहलाए और सबसे बड़ी बात यह है कि छह सीटों वाली हेक्सा एमयूवी तो कतई न कहलाए.

इंजिन
इसमें 2 लीटर वेरीकोर डीजल इंजन है इसकी ताकत 154 बीएचपी की है और टॉर्क है 400 एनएम का. ऑल व्हील ड्राइव गाड़ी है और ट्रांसमिशन में 6 स्पीड मैन्युअल और ऑटोमैटिक के विकल्प हैं. 19 इंच के पहिए हैं. जब मैं इसे हैदराबाद में चला रहा था तो कार का कंप्यूटर औसत माइलेज 10.3 किमीप्रतिलीटर का बता रहा था.

इंटीरियर
टाटा मोटर्स की नई दो तीन कारों को अगर आपने नहीं देखा है तो फिर इसके इंटीरियर से आप बहुत प्रभावित होंगे. रिफ़ाइन्ड है, स्टाइलिश है और प्रीमियम भी. अंदर टाटा के लोगों को छुपा दें तो अंदाज़ा लगाना मुश्किल होगा कि ये किस कंपनी की कार है. सीट, डैशबोर्ड, इंस्ट्रूमेंटेशन पैनल सभी इंप्रेसिव हैं. मटीरियल और फिनिश ऐसा है जो इसे महंगी कारों की कैटगरी में ले जाता है. वहीं डिस्प्ले के रंग को आप अपने मूड के हिसाब से बदल सकते हैं.
 

ड्राइिवंग मोड
नए सुपर ड्राई मोड को लेकर काफी जोश में है टाटा मोटर्स, जिससे आप हेक्सा को ऑटो, कंफर्ट, डाइनेमिक और रफ़ रोड मोड में चला सकते हैं. इसका मतलब तो आप इनके नाम से ही समझ सकते हैं. तो अलग अलग ड्राइविंग के माहौल में आप अलग-अलग मोड सेलेक्ट कर सकते हैं.

शुद्ध एसयूवी?
आरिया की विरासत से मुक्त होने के लिए टाटा ने हेक्सा की ऑफ़रोडिंग काबिलियत पर ख़ासा काम किया है. इसके फ़्रेम, सस्पेंशन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में भी कंपनी ने कई ऐसे इंतज़ाम किए हैं जो इसे अच्छा ऑफ़रोडर बनाते हैं. चाहे ईएसपी (इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम) हो या फिर एबीएस और ईबीडी (इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफ़ोर्स डिस्ट्रीब्यूशन) . कंपनी ने इसमें हिल होल्ड असिस्ट भी दिया है, जिससे चढ़ाई के वक़्त ब्रेक से पांव हटाकर ऐक्सिलिरेटर तक जाने के बीच गाड़ी पीछे ना ढलके. वहीं हिल डिसेंट कंट्रोल भी दिया है. जो ढलान पर आपको ज़्यादा सुरक्षित बनाता है, ड्राइवर को सिर्फ़ स्टीयरिंग संभालने की ज़रूरत होती है. हिल डिसेंट का बटन दबाइए, स्पीड सेट कीजिए और कार अपने आप ईएसपी और ब्रेक के सहारे कार को ढलान से तय स्पीड में नीचे आ जाएगी. कंपनी की कोशिश है इसे ऐसी एसयूवी बनाना जो सुरक्षित भी हो और हर तरह के ड्राइवर इसे आसानी से ऑफ़रोडिंग पर ले जा सकें.   

यूएसपी
ड्राइव के ही बारे में बात करें तो मुझे हेक्सा के ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ने काफ़ी इंप्रेस किया है. बहुत स्मूद है और जैसे गियर बदलते हैं वो इतनी बड़ी गाड़ी के ड्राइव को बहुत स्मूद बनाते हैं. ये ट्रांसमिशन हेक्सा की यूएसपी हो सकती है. मैन्युअल ट्रांसमिशन में रिफ़ाइनमेंट की और गुंजाईश लगी. कुछ गियर थोड़ा वक्‍त ले रहे थे सेट्ल होने में, पर हाइवे पर ये भी मज़ेदार लगी. हां ये तय है कि शहरी ट्रैफ़िक में, शुरुआती आरपीएम पर टॉर्क थोड़ा कम लगने से, बार बार गियर बदलना अखर सकता है. तो शहरी ड्राइव के लिए ऑटोमैटिक हेक्सा फ़िट है और ज़्यादा हाइवे टाइप की ड्राइविंग करनी है कि मैन्युअल. तो ऐसे में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन एक यूएसपी हो सकता है. वहीं इसके स्पोर्टी लुक के साथ अंदर छह लोगों को बिठाने की व्यवस्था भी ग्राहकों को पसंद आएगी.
 

आख़िर में...
तो प्रोडक्ट के हिसाब से हेक्सा एक बहुत अच्छी एसयूवी होगी, जिसमें छह लोग आराम से सफ़र कर सकते हैं. कार में जगह है, आराम है, सामान रखने की छोटी छोटी जगहों के साथ सुविधा और सुरक्षा के लिए कई फ़ीचर्स भी हैं. दिखने में भी अच्छी है और फ़िनिश भी. आरिया की विरासत तो है लेकिन कंपनी अगर इसकी शुरूआती क़ीमत एक्सयूवी से थोड़ा नीचे रखे तो ग्राहक आरिया बिल्कुल याद नहीं करेंगे. प्रोडक्ट के तौर पर हेक्सा को एक्सयूवी के मुक़ाबले बेहतर प्रोडक्ट कहेंगे. वहीं लुक के मामले में इनोवा से ज़्यादा स्पोर्टी भी लगेगी. तो शहरी रास्तों और ऑफ़रोडिंग दोनों में हेक्सा का संतुलित प्रदर्शन एक बिल्कुल नया और प्रैक्टिकल विकल्प बनाता है. तो बारह लाख के आसपास अगर ये शुरू हो जाए तो ग्राहक टाटा प्रोडक्ट के लिए इतना पैसा ख़र्च करने की सोच सकते हैं, और हम सभी को पता है कि टाटा मोटर्स के लिए सबसे ज़रूरी वही है कि ग्राहकों का माइंडसेट कैसे बदले. बाक़ी कांपिटिटिव शुरुआती क़ीमत के अलावा कंपनी के लिए ज़रूरी है अपने आफ़्टर सेल्स सर्विस को और भरोसेमंद बनाना.

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