खास बातें
- टाटा स्टील लिमिटेड बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए चीन में अपने निवेश को 2012 तक पांच प्रतिशत बढ़ाएगी।
बीजिंग: दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी इस्पात कंपनी और टाटा स्टील समूह की अनुषंगी कंपनी टाटा स्टील लिमिटेड बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए चीन में अपने निवेश को 2012 तक पांच प्रतिशत बढ़ाएगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक हेमंत मधुसुदन नेरूरकर ने यह जानकारी दी है। नेरूरकर ने चीन के सरकारी अखबार चाईना डेली से कहा कि चीन का इस्पात उद्योग में पिछले 10 साल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और हमें उम्मीद है कि चीन में कंपनी का कारोबार भी सालाना आधार पर पांच - सात प्रतिशत बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी की कुल आमदनी में चीन का योगदान 3 से 4 प्रतिशत से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के अलावा टाटा स्टील चीन स्थित अपने संयंत्र से यूरोप और जापान को किए जाने वाले निर्यात में बढ़ोतरी करेगी। दोनों बाजारों को बाह्य आपूर्ति की जरूरत है। नेरूरकर ने कहा कि फिलहाल कंपनी चीनी इस्पात कंपनियों के साथ भागीदारी करने के बारे में नहीं सोच रही है। हालांकि उन्होंने भविष्य में किसी तरह के सहयोग करने से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा चीनी कंपनियों के साथ सहयोग में दूसरे ऊर्जा बचाने वाले उत्पादों को भी शामिल किया जा सकता है। कंपनी की चीन में मुख्य समस्या उत्पादन की अधिक क्षमता है। यानी वास्तविक मांग के मुकाबले उत्पादन अधिक है। लेकिन उद्योग में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा दिए जाने से क्षमता में धीरे-धीरे गिरावट आएगी।