यह ख़बर 24 जून, 2014 को प्रकाशित हुई थी

कर चोरी के मामलों में मदद के लिए नियमों में ढील देगी स्विस सरकार

बर्न:

स्विट्जरलैंड ने कर अपराधों के संदिग्ध मामलों की जांच में भारत व अन्य देशों को मदद आसान बनाने के लिए अपने एक प्रमुख काननू में ढील देने का फैसला किया।

इसके तहत उसने अपने कर प्रशासनिक मदद कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया है। सरकार ने कानून में इस अनिवार्यता को समाप्त करने का प्रस्ताव किया है, जिसके तहत कथित कर चोरी मामलों में विदेशी सरकारों को कोई ब्योरा उपलब्ध कराने से पहले सभी इकाइयों को जानकारी देनी होती है।

इसी तरह इस संशोधन से स्विस सरकार के लिए समूह आग्रह से जुड़े मामलों में मदद करना आसान हो जाएगा।

संशोधित कानून से भारत सहित अनेक अन्य देशों को फायदा होगा, जिन्हें स्विस अधिकारियों से सूचना लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।

फेडरल काउंसिल ऑफ स्विट्जरलैंड ने इस बारे में बर्न में बयान जारी किया है। इसके अनुसार उसने संशोधित कर प्रशासनिक मदद कानून को एक अगस्त 2014 से कार्यान्वित करने का प्रस्ताव किया है।

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इसके अनुसार, इस विधेयक के खिलाफ किसी जनमत संग्रह का प्रस्ताव अभी नहीं आया है और जनमत संग्रह के लिए अंतिम तारीख 10 जुलाई, 2014 है। स्विस संसद ने इस कानून में संशोधन को मार्च में मंजूरी दी थी।