दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री के साथ सुषमा स्वराज
सियोल/नई दिल्ली:
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग और ऊर्जा मंत्री यून सैंग-जिक से मुलाकात की और भारत की प्रमुख योजना 'मेक इन इंडिया' के लिए समर्थन की मांग की।
सुषमा स्वराज सियोल में आठवें भारत और कोरिया गणराज्य के बीच संयुक्त आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए गई हैं। यह बैठक सोमवार को होनी है।
आधिकारिक सूत्रों ने नई दिल्ली में बताया कि दक्षिण कोरिया के मंत्री के साथ अपनी बैठक के दौरान सुषमा स्वराज ने भारतीय दवाइयों और सॉफ्टवेयर के निर्यात के लिए समान अवसर की आवश्यकता पर बात की।
दोनों मंत्रियों ने व्यापार घाटा की भरपाई की संभावनाओं पर भी बातचीत की, जो कि अभी दक्षिण कोरिया के पक्ष में है।
सूत्रों ने कहा कि इस बातचीत में भारत की जहाज विनिर्माण कंपनियों के साथ मिल कर एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) टैंकरों के सह-उत्पादन की संभावना समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
एलएनजी की देश में बढ़ती जरूरत तथा आयात के अनुमान के आधार पर सरकार एलएनजी टैंकर खरीदने के साथ-साथ उसके सह-उत्पादन पर भी विचार कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्री ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में भारत की जरूरतों को देखते हुए दक्षिण कोरिया के साथ सहयोग पर बल दिया।
कोरिया के व्यापार मंत्री ने कहा कि हमारा देश भारत को एक आकर्षक गंतव्य स्थान के तौर पर देखता है और व्यापार करने का फैसला निजी कंपनियों पर हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार की नई पहल के बाद से दक्षिण कोरिया ने अपनी कंपनियों को भारत में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम को देखते हुए दक्षिण कोरिया में भारत के साथ आर्थिक रिश्ते बढ़ाने की बहुत उम्मीदें हैं।
दोनों मंत्रियों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी है कि द्विपक्षीय रिश्तों को गति देने के लिए 2015 की पहली तिमाही में दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रियों की एक बैठक होगी।
सोमवार को सुषमा राष्ट्रपति पार्क ग्यून हेई से भी मुलाकात करेंगीं। सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा सरकार की पूर्व एशियाई देशों के साथ मिल कर काम करने की नीति 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत दक्षिण कोरिया की यात्रा पर है।