खास बातें
- कमजोर वैश्विक रुख एवं मौद्रिक नीति में और सख्ती की आशंकाओं के बीच बिकवाली दबाव से बीएसई सेंसेक्स 223 अंक टूटकर बंद हुआ।
Mumbai: शेयर बाजार में गुरुवार को तीसरे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। कमजोर वैश्विक रुख एवं मौद्रिक नीति में और सख्ती की आशंकाओं के बीच बिकवाली दबाव से बीएसई सेंसेक्स 223 अंक टूटकर बंद हुआ। पिछले दो सत्रों में 439 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स गुरुवार को 222.73 अंक और टूटकर 18,209.52 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स का यह 5 सप्ताह का निचला स्तर है। बिकवाली की मार सबसे अधिक बैंकिंग, रीयल्टी, ऑटो और आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 59.05 अंक की गिरावट के साथ 5,487.75 अंक पर बंद हुआ। खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी के बावजूद सकल मुद्रास्फीति को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है। 16 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति घटकर 20 माह के निचले स्तर 7.33 प्रतिशत पर आ गई। ब्रोकरों ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दरों में आधा-आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के बाद से ही विदेशी फंड बिकवाली कर रहे हैं और निवेशकों को आरबीआई द्वारा मौद्रिक नीति और सख्त करने की आशंका है। इसके अलावा, अमेरिका में ऋण संकट और यूरो क्षेत्र के संकट का भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। एशिया में हांगकांग को छोड़कर अन्य सभी बाजार 0.12 प्रतिशत से 1.45 प्रतिशत के दायरे में गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 24 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिनमें जेपी एसोसिएट्स 3.46 प्रतिशत, रिलायंस इंफ्रा 2.95 प्रतिशत, हिंडाल्को 2.92 प्रतिशत, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 2.92 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 2.84 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। इनके अलावा, आरआईएल 2.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील 2.84 प्रतिशत, एचडीएफसी 2.18 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.13 प्रतिशत, विप्रो 2.02 प्रतिशत, एसबीआई 1.95 प्रतिशत, टाटा स्टील 1.93 प्रतिशत, इंफोसिस 1.74 प्रतिशत, मारुति 1.66 प्रतिशत और डीएलएफ 1.66 गिरकर बंद हुआ।