यह ख़बर 07 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

शेयर बाजारों में 0.5 फीसदी से अधिक की तेजी

खास बातें

  • देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह 0.5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
मुम्बई:

देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह 0.5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 0.52 फीसदी या 91.14 अंकों की तेजी के साथ 17,521.12 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 17,429.98 पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 0.7 फीसदी की तेजी के साथ 38.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,278.90 पर बंद हुआ था।

आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप सूचकांक में ढाई फीसदी से अधिक और स्मॉलकैप में 4.00 फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 160.18 अंकों की तेजी के साथ 6313.90 पर और स्मॉलकैप 278.77 अंकों की तेजी के साथ 6,822.52 पर बंद हुआ।

बीएसई के 13 सेक्टरों में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। रियल्टी (4.60 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.87 फीसदी), बैंकिंग (3.00 फीसदी), धातु (2.01 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.64 फीसदी) में इस सप्ताह सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई में इस सप्ताह चार सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.91 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.64 फीसदी), तेल एवं गैस (0.19 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.18 फीसदी)।

इस बीच सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश का निर्यात मई में 4.16 फीसदी कम 25.68 अरब डॉलर रहा।

यूरोपीय देशों में मांग कम रहने के कारण निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा। आयात भी इसी अवधि में 7.36 फीसदी कम 41.94 अरब डॉलर रहा, जिसके कारण मासिक व्यापार घाटा 16.26 अरब डॉलर रहा।

केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि जल्द ही आठ फीसदी से अधिक आर्थिक विकास दर की वापसी होगी।

चिदम्बरम ने कहा, "2011-12 एक कठिन साल था, जब विकास दर घटकर 6.7 फीसदी हो गई। हम इस गिरावट के कारणों की पहचान कर रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए कई कदम उठाएंगे। मुझे विश्वास है कि 2012-13 में वापसी शुरू होगी और जल्द ही विकास दर आठ फीसदी से अधिक हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि भारतीयों में बचत की प्रवृत्ति से विकास को तेजी मिलेगी।

इसके अगले ही दिन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में नौ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर पाना सम्भव नहीं है।

12वीं योजना अवधि में सम्भावित विकास दर के बारे में पूछे जाने पर अहलूवालिया ने कहा, "9 फीसदी विकास दर के बारे में सोचना सम्भव नहीं है। मेरे हिसाब से आठ से 8.5 फीसदी सम्भव है।"

योजना आयोग द्वारा स्वीकृत 12वीं योजना अवधि के दृष्टिकोण पत्र में नौ फीसदी औसत वार्षिक विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।

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अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति को देखते हुए आठ फीसदी विकास दर हासिल करना भी कठिन है।