नई दिल्ली:
फरवरी के थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े, वैश्विक संकेतक तथा संसद का चालू सत्र इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा निर्धारित करेगा। शेयर बाजार विशेषज्ञों ने यह बात कही है।
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उन्होंने कहा कि इसके अलावा विदेशी निवेशकों के निवेश का रुख, डॉलर के मुकाबले रुपये का उतार-चढ़ाव और अमेरिका द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे।
रेलिगेयर सिक्योरिटीज लिमिटेड के खुदरा वितरण विभाग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा, 'इस सप्ताह कारोबारी कंपनियों के अग्रिम कर आंकड़े पर ध्यान देंगे जो मार्च 2015 को समाप्त होने वाली चौथी तिमाही के नतीजों के बारे में संकेत प्रदान करेंगे। संसद के चालू सत्र के घटनाक्रम पर भी कारोबारियों की करीबी नजर होगी। व्यापक आर्थिक मोर्चे पर थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकडों को सोमवार को जारी किए जाएंगे।'
उन्होंने कहा, 'वैश्विक घटनाक्रमों में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिन की बैठक 17 और 18 मार्च, 2015 को होगी। निवेशकों को फेडरल रिजर्व की प्रमुख जैनेट येलेन की इस बैठक की प्रतीक्षा है जिसमें मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा के बारे में कोई संकेत प्राप्त हो सकता है।'