खास बातें
- बंबई शेयर बाजार में इस साल 3.2 प्रतिशत की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद बाजार परिदृश्य निराशाजनक है और बाजार की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर है।
नई दिल्ली: बंबई शेयर बाजार में इस साल 3.2 प्रतिशत की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद बाजार परिदृश्य निराशाजनक है और बाजार की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर है। विश्लेषकों ने बाजार में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया है।
बोनान्जा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, बाजार धारणा प्रतिकूल हो गयी है और फिलहाल अल्पावधिक रुख मंदी का हो चला है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आंकड़ों में गिरावट ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी है। उन्होंने कहा कि बाजार को आगे की दिशा अप्रैल के मुद्रास्फीति के आंकड़ों से मिलेगी। मुद्रास्फीति आंकड़े में कोई बड़ा सकारात्मक आश्चर्यजनक बदलाव ही धारणा में सुधार ला सकता है अन्यथा अल्पावधि में बाजार रुख नकारात्मक ही बना रहेगा।
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स लगातार तीसरे सप्ताह गिरा। सेंसेक्स और निफ्टी में इस साल किसी एक सप्ताह में यह सबसे बड़ी गिरावट है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 538 अंकों टूटकर 16,298.98 अंक पर बंद हुआ।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण होंगे जो पिछले कुछ महीनों से काफी उतार.चढ़ाव वाले रहे हैं। मुद्रास्फीति के आंकड़ों सोमवार को जारी किए जाएंगे। रिसर्च इंवेन्चर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के प्रमुख मिलन बाविशी ने कहा, आईआईपी आंकड़ों में गिरावट ने रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मुद्रास्फीति में किस तरह से घट बढ़ होती है तथा यह भी निर्णायक होगा कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें किधर जाती हैं। मार्च में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई जो पांच महीनों में पहली बार बड़ी गिरावट को दर्शाता है। मार्च में यह गिरावट आना आश्चर्य पैदा करने वाला है क्योंकि ठीक एक महीने पहले फरवरी में इसमें 4.1 प्रतिशत की तेजी आई थी।
उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट भी बाजार धारणा को प्रभावित कर रहा है। करेंसी में गिरावट का रुख बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाजार के वैश्विक जोखिम माहौल के कारण भी प्रभावित होने की संभावना है।