खास बातें
- नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 146 अंक लुढ़ककर 18,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा महंगाई पर अंकुश के लिए लगातार दसवीं बार नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार को 146 अंक लुढ़ककर 18,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 100 अंक कमजोर खुलने के बाद और नीचे आया और अंत में 146.36 अंक या 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,985.88 अंक रह गया। इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 50.75 अंक या 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,396.75 अंक पर बंद हुआ। ब्रोकरों का कहना है कि बाजार पर रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में चौथाई फीसद की वृद्धि के फैसले का ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि इस बढ़ोतरी की उम्मीद पहले से जताई जा रही थी। बोनान्जा पोर्टफोलियो के शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा, बाजार को रिजर्व बैंक की घोषणा की उम्मीद थी। ऐसे में यह शुरुआती गिरावट के बाद बाजार कुछ संभला था। बैंकिंग शेयरों में अच्छी लिवाली देखने को मिली, जिससे बाजार की हानि कुछ कम हुई। गोयल ने कहा कि बाजार में तेजी का यह रुख वृद्धि दर और महंगाई के मार्चे पर सकारात्मक संकेतों के अभाव में ज्यादा देर टिका नहीं रह सका। कमजोर वैश्विक रुख से आईटी, पूंजीगत सामान और धातु शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। ब्रोकरों ने कहा कि एचएसबीसी होल्डिंग्स द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज की साख घटाने से सेंसेक्स की सबसे मूल्यवान कंपनी का शेयर लुढ़ककर दो साल के निचले स्तर 888 रुपये पर आ गया। अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों से आईटी शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख रहा। अमेरिका और यूरोप भारतीय आईटी कंपनियों के दो प्रमुख बाजार हैं। आईटी कंपनी टीसीएस के शेयर में 2.40 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्टरलाइट का शेयर 2.33 फीसद लुढ़क गया। इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो का शेयर दो प्रतिशत नीचे आया। विप्रो का शेयर 1.99 प्रतिशत कमजोर रहा। हालांकि रिलायंस इन्फ्रा का शेयर दो प्रतिशत चढ़ गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.10 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक में 1.09 फीसद की बढ़त रही। बंबई शेयर बाजार में 1,744 शेयर हानि के साथ और 1,085 लाभ के साथ बंद हुए। विश्लेषकों ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार धारणा प्रभावित हुई। चीन, हांगकांग, इंडोनेशिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में 1.15 से दो प्रतिशत की गिरावट आई।