यह ख़बर 18 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

छह सेज परियोजनाएं छोड़ेगी पार्श्वनाथ

खास बातें

  • सेज में करों को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते पार्श्वनाथ सहित कई रीयल्टी कंपनियों ने सरकार से सेज परियोजनाओं से हटने की अनुमति मांगी है।
नई दिल्ली:

विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में करों को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते पार्श्वनाथ सहित कई रीयल्टी कंपनियों ने सरकार से सेज परियोजनाओं से हटने की अनुमति मांगी है। पार्श्वनाथ समूह की इकाई पार्श्वनाथ सेज लि. ने सरकार से छह सेज परियोजनाओं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तमिलनाडु और महाराष्ट्र को छोड़ने की अनुमति मांगी है। कंपनी को सरकार से इन परियोजनाओं के लिए सैद्धान्तिक मंजूरी मिली थी। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, डेवलपर ने आर्थिक मंदी, प्रत्यक्ष कर संहिता तथा न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) लागू किए जाने के मद्देनजर सैद्धान्तिक मंजूरी वापस लेने का आग्रह किया है। मंजूरी बोर्ड (बीओए) की 22 जुलाई को होने वाली बैठक में पार्श्वनाथ तथा अन्य कंपनियों के परियोजनाओं से हटने के आवेदन पर विचार किया जाएगा। पार्श्वनाथ के अलावा जो अन्य कंपनियां सेज परियोजनाओं को छोड़ना चाहती हैं उनमें जुवेंटस बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, आलोक इन्फ्रास्ट्रक्चर, ओवल डेवलपर्स, एयरमिड डेवलपर्स और एन जी रीयल्टी शामिल हैं।


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