यह ख़बर 17 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

और सेवाओं को कर दायरे में लाएगी सरकार

खास बातें

  • वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव वीके गर्ग ने कहा है कि सेवा क्षेत्र में कुछ और क्षेत्रों को सेवा कर के दायरे में लाने की जरूरत है।
Mumbai:

वित्त मंत्रालय सेवा की क्षेत्र के कुछ और पेशों को कर दायरे में लागने की योजना है। वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव वीके गर्ग ने एसोसिएटेड चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) द्वार सेवा कर विषय पर एक कार्य्रकम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में कुछ और क्षेत्रों को सेवा कर के दायरे में लाने की जरूरत है। भारत में यह करना कठिन है, क्योंकि कई बार सामान को सेवाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और सेवाओं को सामान के रूप में। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पादन एवं सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता जताई है। इसके आने से केंद्र और राज्य स्तर पर अधिकांश अप्रत्यक्ष कर इसमें ही शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही केंद्रीय वित्तमंत्री कराधान की नकारात्मक सूची की घोषणा करेंगे। हमने कराधान की एक नकारात्मक सूची बनाई है, जिन पर हम कर नहीं लगाते हैं या हमें नहीं लगाना चाहिए। जब हम एक बार इसके बारे में आश्वस्त हो जाएंगे, तो इस सूची में शामिल हर किसी को कर दायरे में लाया जा सकेगा।


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