खास बातें
- सेबी अब प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऑनलाइन जारी किए जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
नई दिल्ली: पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) अब प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऑनलाइन जारी किए जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है जिसमें किसी तरह के कागज इस्तेमाल की गुंजाइश नहीं होगी। सेबी का कहना है कि इस प्रस्ताव पर यदि अमल होता है तो आईपीओ की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी और इसकी लागत भी कम हो जाएगी। निवेशकों के लिए भी काफी सहूलियत होगी। वह केवल कंप्यूटर पर एक क्लिक के जरिये शेयरों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। उन्हें भारी भरकम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी नहीं करने होंगे। सेबी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से आईपीओ लाने और चलाने के प्रस्ताव पर कार्पोरेट कार्य मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। हालांकि अनौपचारिक तौर पर मंत्रालय ने उसे इस दिशा में आगे काम करने का संकेत दे दिया है। सेबी बोर्ड के समक्ष 24 नवंबर को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार ई-आईपीओ पर अमल के लिए कंपनी अधिनियम में संशोधन करना होगा। यह संशोधन निवेशक की तरफ से इस आवश्यकता को दूर करने पर होगा कि उसे लिखित में सहमति देनी होती है, लेकिन ई-आईपीओ में कोई आवेदन फार्म नहीं भरना होगा और सीधे डी-मैट खाते में ही शेयर आवंटन का काम होगा। बहरहाल, कंपनी कार्य मंत्रालय को इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। आईपीओ प्रक्रिया को और सरल बनाने की दिशा में सेबी ने कंपनियों की सार्वजनिक पेशकश के साथ सलंग्न होने वाले दस्तावेजों की जरूरत को भी समाप्त करने की योजना बनाई है। इसके अलावा इश्यू लाने वाली कंपनी और लीड मर्चेंट बैंक के बीच समझौते की प्रति लगाने की जरूरत को भी दूर किया जाएगा।