खास बातें
- रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा से एक दिन पहले देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने कहा कि उसने अपनी आधार दर या न्यूनतम ऋण दर बढ़ाकर 9.80 प्रतिशत कर दी।
मुंबई: रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा से एक दिन पहले देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने कहा कि उसने अपनी आधार दर या न्यूनतम ऋण दर बढ़ाकर 9.80 प्रतिशत कर दी।
बैंक ने एक बयान में कहा, भारतीय स्टेट बैंक ने आधार दर 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 9.80 प्रतिशत सालाना कर दी है, जो इससे पहले 9.70 प्रतिशत थी। खुदरा सावधिक जमा दरों को भी बढ़ाते हुए संशोधित किया गया है।
एसबीआई सार्वजनिक क्षेत्र का पहला प्रमुख बैंक है, जिसने जुलाई में आरबीआई द्वारा नकदी कम करने की पहल के बाद अल्पकालिक दरें बढ़ने के बाद कर्ज पर ब्याज दर में बढ़ोतरी की है। यह पहल मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा से एक दिन पहले की गई है। विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आश्चर्यजनक तौर पर प्रोत्साहन जारी रखने के लिए फैसले से आरबीआई के नए गवर्नर रघुराम राजन के लिए समन्वय बिठाते हुए पहल करने की गुंजाइश पैदा हुई है।
एसबीआई ने वाहन और आवास ऋण पर मार्जिन 0.20 प्रतिशत बढ़ा दी, जो नए कर्जदाताओं पर लागू होगी। बैंक ने बेंचमार्क मुख्य ऋण दर, जो ब्याज दर के आकलन की पुरानी प्रक्रिया है, को 14.45 प्रतिशत से बढ़ाकर 14.55 प्रतिशत कर दिया है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ब्याज दर में बढ़ोतरी का फैसला पिछली शाम हुई परिसंपत्ति देनदारी समिति की बैठक में लिया गया।
अधिकारी ने कहा, कोष की लागत बढ़ी है और त्योहारी मौसम में यह दबाव और बढ़ेगा, जबकि नकदी की जरूरत बढ़ती है। नई दर के मुताबिक 30 लाख रुपये से कम का आवास ऋण 10.10 प्रतिशत पर मिलेगा, जो पहले 9.95 प्रतिशत था, जबकि वाहन ऋण की ब्याज दर बढ़कर 10.75 प्रतिशत हो जाएगी।