खास बातें
- न्यायमूर्ति ने कहा कि सहारा के लिए जेट एयरवेज पर 478 करोड़ रुपये की देनदारी बनती है जिसमें सालाना नौ प्रतिशत की दर से ब्याज शामिल है।
मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय सहारा एयरलाइन्स के 1,450 करोड़ रुपये के अधिग्रहण सौदे में शर्त पूरी नहीं करने के लिए जेट एयरवेज को दो सप्ताह के भीतर सहारा इंडिया को 478 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति धनंजय चन्द्रचूड़ ने हालांकि सहारा की यह दलील खारिज कर दी कि उसे अधिग्रहण के लिए कुल 2,000 करोड़ रुपये दिलाए जाएं, जबकि जेट और सहारा के बीच 1,450 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था। न्यायमूर्ति ने कहा कि सहारा के लिए जेट एयरवेज पर 478 करोड़ रुपये की देनदारी बनती है जिसमें सालाना नौ प्रतिशत की दर से ब्याज शामिल है। इस राशि की गणना 402 करोड़ रुपये के मूलधन पर की गई है। जेट एयरवेज ने अप्रैल, 2007 में सहारा एयरलाइन्स को 1,450 करोड़ रुपये में खरीदा। कंपनी ने 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया और शेष राशि चार किस्तों में भुगतान करने पर सहमति जताई।