Russia-Ukraine War : Crude Oil की कीमतों में लगी आग! 2014 के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार; Petrol-Diesel पर होगा असर

क्रूड ऑयल के दाम सितंबर 2014 में 99 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचे थे. हालांकि इस बार युद्ध के चलते क्रूड उछाल के दामों में उछाल आया है. 

Russia-Ukraine War : Crude Oil की कीमतों में लगी आग! 2014 के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार; Petrol-Diesel पर होगा असर

रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते क्रूड ऑयल के दामों में बढोतरी दर्ज की गई है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

नई दिल्‍ली :

रूस के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद वैश्विक स्‍तर पर क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. करीब सात सालों में यह पहली बार है जब क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर के पार पहुंचे हैं. रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका के बाद से ही वैश्विक स्‍तर पर पेट्रोल के दामों में आग लगने लगी थी. यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है तो तेल के दाम और ज्‍यादा बढ़ सकते हैं.  

क्रूड ऑयल के दाम सितंबर 2014 में 99 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचे थे. हालांकि इस बार युद्ध के चलते क्रूड उछाल के दामों में उछाल आया है. भारत में नवंबर में दीपावली के बाद से ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढोतरी नहीं की गई है. हालांकि इसे 5 राज्‍यों के चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि चुनाव खत्‍म होने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. 

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रूस यूरोप में प्राकृतिक गैस का करीब एक-तिहाई उत्पादन करता है और वैश्विक तेल उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है. साथ ही यूरोपीय देशों को जाने वाली गैस पाइपलाइन यूक्रेन से होकर ही गुजरती है. रूस और यूक्रेन के बीच तनाव से यूरोपीय देशों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है. 

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भारत के तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी बहुत कम है. साल 2021 में भारत ने रूस से प्रतिदिन 43,400 बैरल तेल का आयात किया था जो उसके कुल तेल आयात का करीब एक प्रतिशत ही है. इसके अलावा रूस से भारत का कोयला आयात 18 लाख टन रहा जो कुल कोयला आयात का 1.3 प्रतिशत है. साथ ही भारत रूसी गैस कंपनी गैजप्रॉम से 25 लाख टन एलएनजी भी खरीदता है. ऐसे में भारत के लिए आयात में कमी चिंता का विषय नहीं है, लेकिन वैश्विक स्‍तर पर क्रूड के दामों में बढोतरी का असर भारतीय बाजार पर भी जरूर पड़ेगा.