यह ख़बर 23 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

रुपया रसातल में, 56 से भी नीचे लुढ़का

खास बातें

  • रुपये में गिरावट का दौर आज लगातार छठे दिन भी जारी रहा और यह आज कारोबार के दौरान 56 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।
मुंबई:

रुपये में गिरावट का दौर आज लगातार छठे दिन भी जारी रहा और यह आज कारोबार के दौरान 56 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।

शेयर बाजार के कमजोर रुख के बीच आयातकों विशेषकर तेल रिफाइनरी कंपनियों की डॉलर मांग से रुपये में गिरावट जारी रही और यह अपने एक और सर्वकालिक निचले स्तर पर चला गया।

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आने से एक तरफ जहां तेल कंपनियों के लिए कच्चे तेल का आयात और महंगा हो जाता है वहीं दूसरी तरफ निर्यातकों की आय बढ़ती है लेकिन यूरोप तथा अन्य विकसित देशों में जारी मंदी से निर्यात मांग भी इस समय दबाव में है। ऐसे में व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ रहा है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (फारेक्स) में रुपये में अब तक की सर्वाधिक गिरावट देखने को मिली। दो दिन के अंदर यह पहले 55 और फिर 56 रुपये प्रति डॉलर तक नीचे चला गया। कारोबार के दौरान आज 55.82 रुपये प्रति डॉलर पर कमजोर खुलने के बाद रुपये में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा और यह 1:50 बजे तक 74 पैसे के नुकसान के साथ 56.13 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर पर चला गया।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

फिच द्वारा जापान की सॉवरेन रेटिंग घटाए जाने के बाद यूरो तथा अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में भी डॉलर में मजबूती आई।