यह ख़बर 28 अगस्त, 2013 को प्रकाशित हुई थी

डॉलर के मुकाबले रुपया 68.80 तक फिसला, सेंसेक्स ने की शानदार वापसी

खास बातें

  • खाद्य पदार्थों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी, खाद्य बिल को लोकसभा से मिली मंजूरी और सीरिया पर अमेरिकी हमले की आशंका के मद्देनजर रुपये में लगातार कमजोरी बनी हुई है।
मुंबई:

डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरावट के नए रिकॉर्ड बनाता जा रहा है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही एक डॉलर की कीमत 67 रुपये के पार हो गई और थोड़ी देर बाद यह भारी गिरावट के साथ 68 रुपये के स्तर से भी नीचे फिसल गया

हालांकि रुपया बाद में थोड़ा संभलता दिखा, लेकिन अंतत: यह गिरावट के एक और नए कीर्तिमान 68.80 के स्तर पर बंद हुआ। उधर, शेयर बाजारों ने भी शानदार वापसी की और एक वक्त 500 अंक गंवा देने के बाद बीएसई सेंसेक्स अंतत: 28 अंक चढ़कर 17,996 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.5 अंक की गिरावट के बाद 5285 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार को आईटी स्टॉक्स से सबसे ज्यादा मदद मिली।

सरकार की तमाम कोशिशों और दावों के बावजूद रुपये की कमजोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। माना जा रहा है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी, खाद्य बिल को लोकसभा से मिली मंजूरी और सीरिया पर अमेरिकी हमले की आशंका के मद्देनजर रुपये में इस तरह की तेज गिरावट देखी जा रही है। विपक्षी दलों ने गिरते रुपये को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर जमकर निशाना साधा है।

सरकारी खजाने पर खाद्य बिल के चलते पड़ने वाले लाखों करोड़ की सब्सिडी के बोझ के चलते भारत की आर्थिक हालत और डांवाडोल होने की आशंका से रुपये ने गिरावट की सभी हदें पार कर दी हैं। हालत यह हो गई है कि रुपया एशिया के सभी देशों में सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन कर रहा है।

माना जा रहा है कि निवेशक बाजार से पैसा निकाल कर अन्य सुरक्षित मानकों पर लगा रहे हैं। सोने में उछाल का दौर चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीरिया पर अमेरिका की अगुवाई में हमले की आशंका बढ़ गई है, जिसके मद्देनजर कच्चे तेल के दामों में भी इजाफे की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले कल सरकार ने एक बार फिर भरोसा दिलाने की कोशिश की कि रुपये की गिरावट जल्द ही रुकेगी। बाजार का माहौल सुधारने के लिए मंगलवार को 1.75 लाख करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का ऐलान किया।

चिदंबरम ने कहा कि रुपये की कीमत कम आंकी जा रही है। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरता जा रहा है, जिसके बाद सरकार ने रुपये की हालत सुधारने के लिए पिछले दिनों कई कदम उठाए हैं।

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रिजर्व बैंक ने डॉलर भी बेचे, लेकिन बात बनी नहीं। मंगलवार को रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 66 के नीचे चला गया था। इससे पहले 22 अगस्त को कारोबार के दौरान रुपये ने 65.66 के न्यूनतम स्तर का रिकॉर्ड बनाया था।