पतंजलि की कंपनी Ruchi Soya ने किया 2,925 करोड़ के कर्ज का किया पूरा भुगतान, हुई 'कर्जमुक्त'

बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद की अगुवाई वाली रुचि सोया ने हाल में अपने अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के जरिए 4,300 करोड़ रुपये जुटाए थे. कंपनी ने इस पूंजी के एक हिस्से का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया है.

पतंजलि की कंपनी Ruchi Soya ने किया 2,925 करोड़ के कर्ज का किया पूरा भुगतान, हुई 'कर्जमुक्त'

Ruchi Soya, Patanjali की कंपनी है.

नई दिल्ली:

खाद्य तेल बनाने वाली रूचि सोया ने बैंकों का 2,925 करोड़ रुपये का पूरा कर्ज वापस कर दिया है. इसी के साथ कंपनी कर्ज मुक्त हो गई है. बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद की अगुवाई वाली रुचि सोया ने हाल में अपने अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के जरिए 4,300 करोड़ रुपये जुटाए थे. कंपनी ने इस पूंजी के एक हिस्से का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया है. पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर बताया कि रुचि सोया कर्ज मुक्त हो गई है.

कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि एफपीओ के लिए जमा किये गये दस्तावेज में कंपनी ने बताया था कि वह लगभग 1,950 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगी. हालांकि, कंपनी ने अपने कर्जदाताओं को 2,925 करोड़ रुपये की पूरी कर्ज राशि चुकाने का फैसला किया.

कल रुचि सोया के शेयर में करीब 15 प्रतिशत का उछाल

रुचि सोया के शेयर अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के तहत शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद शुक्रवार को कारोबार में 15 प्रतिशत से ज्यादा उछल गए. बीएसई में रुचि सोया का शेयर 12.94 प्रतिशत उछलकर 924.85 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ. दिन में कारोबार के दौरान यह 14.79 फीसदी के लाभ के साथ 940 रुपये पर पहुंच था.

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 14.71 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए 938 रुपये के पर बंद हुआ.

बीएसई की तरफ से बृहस्पतिवार को जारी सूचना के मुताबिक, रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के दो रुपये मूल्य वाले 6,61,53,846 इक्विटी शेयरों को सूचीबद्ध किया गया है. इन शेयरों के शुक्रवार से कारोबार की मंजूरी भी दी गई थी.

रुचि सोया ने एफपीओ का निर्गम मूल्य 650 रुपये प्रति शेयर तय किया था. यह निर्गम 24-28 मार्च के दौरान खुला था.

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हालांकि, सेबी ने 28 मार्च को रामदेव की अगुवाई वाले पतंजलि समूह की इकाई रुचि सोया के बैंकरों को अपने एफपीओ में निवेशकों को अपनी बोली वापस लेने का विकल्प देने के लिए कहा था. साथ ही उन्हें ‘अनचाहे एसएमएस के प्रसार' के बारे में चेतावनी दी थी. जिसके बाद 31 मार्च को एफपीओ निवेशकों द्वारा लगभग 97 लाख बोलियां वापस ले ली गई थीं.



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