'फ्रीडम-251' नहीं खरीद पाए तो बुरी खबर, कंपनी ने बंद की बुकिंग

'फ्रीडम-251' नहीं खरीद पाए तो बुरी खबर, कंपनी ने बंद की बुकिंग

नई दिल्ली:

क्या आप आपना 'फ्रीडम 251' बुक करा पाए? अगर नहीं करा पाए तो आपके लिए निराश करने वाली खबर ये है कि विवादों में फंसी कंपनी रिंगिंग बेल्स ने शनिवार से इस सबसे सस्ते स्मार्टफोन की बुकिंग रोक दी है। कंपनी ने भारी मांग होने का हवाला देते हुए बुकिंग रोकी है। दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ने बुकिंग बंद करने की घोषणा करते हुए कहा, 'हम आपकी जबर्दस्त प्रतिक्रिया और विश्वास के लिए आभारी हैं। हमने जितने ऑर्डर की उम्मीद की थी, आंकड़ा उससे कहीं अधिक है और इसीलिए हम अब पहले चरण में बुकिंग बंद कर रहे हैं।'

वेबसाइट पर जारी नोटिस के अनुसार, 'हम इसकी सराहना करते हैं और यह स्वीकार करते हैं कि हम सभी की मांग को पूरा नहीं कर पाए हैं, लेकिन निश्चित रूप से अगले चरण में आपको सेवा देने के लिए हम उत्सुक रहेंगे।' कंपनी ने कहा कि उसे पहले दिन 3.70 करोड़ पंजीकरण तथा दूसरे दिन 2.47 करोड़ पंजीकरण (रात 7.49 तक) प्राप्त हुए हैं।

सबसे सस्ता फोन कहा जाने वाला फ्रीडम-251 विभिन्न कारणों से वैश्विक स्तर पर सुखिर्यों में है। आरोप है कि कंपनी ने जो फोन दिखाया है, यह प्रतिद्वंद्वी कंपनी एडकॉम का हैंडसेट है। साथ ही हैंडसेट पर चिन्ह हैं, वे वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल से मिलते-जुलते हैं।

रिंगिंग बेल्स के अध्यक्ष अशोक चड्ढ़ा ने स्पष्ट किया, 'वह एक नमूना या प्रोटोटाइप हैंडसेट दिखाना चाहते थे कि कंपनी का हैंडसेट कैसा होगा, यह उनका अंतिम उत्पाद नहीं है।' उन्होंने कहा, 'समय की कमी और यह देखते हुए कि इसे सीमित लोगों को नमूने के तौर पर दिया जाएगा, हमने कदम उठाया है। हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि जो अंतिम 'फ्रीडम 251' होगा, वह भारत में विनिर्मित (एसेंबल) होगा और इसी तरह का होगा। उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।'

मोबाइल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने कंपनी के खिलाफ दूरसंचार मंत्रालय को शिकायत की और मामले की तह तक जाने का अनुरोध किया। मंत्रालय ने रिंगिंग बेल्स से बिना बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणपत्र के 'फ्रीडम 251' मोबाइल फोन पेश किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से कंपनी की विश्वसनीयता का पता लगाने को कहा है।

इसके अलावा कंपनी उत्पाद शुल्क एवं आयकर विभागों की जांच के घेरे में आ गई। जांच एजेंसियां कंपनी के वित्तीय ढांचे को देख रही हैं और उसके पंजीकरण दस्तावेजों की पड़ताल कर रहीं हैं।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)