यह ख़बर 27 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

रिलायंस गैस के उत्पादन घटने की जांच करेगी सरकार

खास बातें

  • केजी बेसिन में रिलायंस इंडिस्ट्रीज की परियोजना से गैस उत्पादन में गिरावट से चिंतित सरकार ने इसका जायजा लेने के लिए अगले सप्ताह आधिकारिक बैठक बुलाई है।
New Delhi:

कृष्णा गोदावरी बेसिन में रिलायंस इंडिस्ट्रीज की परियोजना से गैस उत्पादन में गिरावट से चिंतित सरकार ने इसका जायजा लेने के लिए अगले सप्ताह आधिकारिक बैठक बुलाई है। इसके साथ ही सरकार ने रिलायंस को गैर-प्राथमिक क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति बंद करने का भी आदेश दिया है। सरकार चाहती है कि बिजली और उर्वरक संयंत्रों को उनकी जरुरत के अनुसार पूरी गैस आपूर्ति हो। पेट्रोलियम सचिव एस सुंदरेशन ने बुधवार को बताया कि केजी डी6 तेल ब्लॉक की देखरेख करने वाली प्रबंधन समिति की एक बैठक अगले सप्ताह बुलाई गई है। इस बैठक में केजी डी6 तेल ब्लॉक से गैस उत्पादन में आई गिरावट और रिलायंस द्वारा तेल कुओं की खुदाई के अपने वादे को पूरा नहीं करने के कारणों पर गौर किया जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वर्ष 2006 में केजी डी6 के धीरुभाई एक और धीरुभाई 3 क्षेत्र में अप्रैल 2011 तक 22 कुओं की खुदाई कर प्रतिदिन छह करोड 18 लाख 80 हजार घनमीटर और 2012 तक 31 कुओं की खुदाई कर प्रतिदिन आठ करोड घनमीटर प्राकृतिक गैस उत्पादन का वादा किया था। इसके लिये कंपनी को क्षेत्र में आठ अरब 83 करोड 60 लाख डालर निवेश की अनुमति दी गई थी। जमीनी सच्चाई इससे हटकर है। क्षेत्र में धीरुभाई एक और तीन के 18 कुओं से कंपनी प्रतिदिन चार करोड 20 लाख घनमीटर गैस का ही उत्पादन कर पा रही है जबकि क्षेत्र के ही अन्य एमए तेल क्षेत्र से 80 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस का उत्पादन अलग से किया जा रहा है। सुंदरेशन ने कहा, अगले सप्ताह औपचारिक बैठक बुलाई गई है जिसमें तेल मंत्रालय, हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय और क्षेत्र की ठेकेदार कंपनी रिलायंस के प्रतिनिधि सभी उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा स्थिति की गहन समीक्षा के बाद, हम उचित कारवाई करेंगें। फिलहाल इस समय यह कहना मुश्किल है कि उत्पादन में कमी क्यों आ रही है, इसलिये किसी भी तरह जुर्माने अथवा कारवाई के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। तेल मंत्रालय क्या कदम उठायेगा इसके बारे में संदरेशन ने कोई ब्यौरा नहीं दिया लेकिन सूत्रों का कहना है कि उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) में कुओं की खुदाई और उत्पादन मानदंडों को पूरा नहीं करने वाली कंपनी के खिलाफ किसी तरह का वित्तीय जुर्माना लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। केजी के डी6 ब्लॉक के कुओं में पिछले एक साल के दौरान जलस्तर बढ़ता जा रहा है, इनमें से कुछ कुएं तो सूखने की कगार में हैं, इसके अलावा कुछ कुओं में गैस का दबाव भी कम हुआ है। सुदरेशन ने यह भी कहा है कि रिलायंस को एस्सार स्टील, वेल्सप्सन मैक्सस्टील, इस्पात इंडस्ट्रीज एण्ड पेट्रोकेमिकल्स तथा रिफाइनरियों को गैस आपूर्ति फौरन बंद करने को कहा गया है, ताकि उर्वरक और बिजली संयंत्रों को उनकी जरुरत के अनुरुप पूरी गैस आपूर्ति हो सके।


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