खास बातें
- सीबीआई मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली फर्म द्वारा पेश किए गए तर्क को समझना चाहती है।
नई दिल्ली: सीबीआई रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 क्षेत्र की विकास लागत कृत्रिम रूप से बढ़ाए जाने के मामले में बेहतर समझ विकसित करने में मदद के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय को एक विशेषज्ञ की नियुक्ति करने को कह सकती है। सीबीआई मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली फर्म द्वारा पेश किए गए तर्क को समझना चाहती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने केजी.डी6 ब्लाक में धीरूभाई 1 और 3 गैस क्षेत्र की विकास लागत पहले चरण में बढ़ाकर 5.19 अरब डॉलर कर दी, जबकि 2004 में उसने 2.39 अरब डॉलर की विकास लागत का प्रस्ताव किया था। कंपनी ने दूसरे चरण में विकास लागत 3.3 अरब डॉलर दिखाई। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि चूंकि गहरे समुद्र से तेल एवं गैस की खोज एवं उत्पादन एक जटिल मुद्दा है, जांच एजेंसी इन्हें समझने में एक विशेषज्ञ की मदद चाहती है। सूत्रों ने कहा कि जांच एजेंसी ने विस्तृत विश्लेषण करने के लिए एक विशेषज्ञ से संपर्क किया था जिसने 20 लाख रुपये से अधिक की शुल्क की मांग की थी। इसके बाद सीबीआई ने पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखने का निश्चय किया। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम पेट्रोलियम मंत्रालय को जांच एजेंसी के लिए एक विशेषज्ञ रखने के संबंध में पत्र लिखेंगे क्योंकि सीबीआई इतना अधिक शुल्क भुगतान नहीं कर सकती।