खास बातें
- रिजर्व बैंक ने बयान जारी करके कहा है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें बैंकों ने चेक रिटर्न मेमो पर साइन किए बिना ही उसे लौटा दिया।
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि उन्हें किसी भी चेक को बिना भुगतान के लौटाने का साफ कारण बताना होगा। रिजर्व बैंक ने एक बयान जारी करके कहा है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें बैंकों ने चेक रिटर्न मेमो पर हस्ताक्षर किए बिना ही उसे लौटा दिया। बैंकों की दलील थी कि मेमो कंप्यूटर से निकलता है इसलिए इसमें हस्ताक्षर की ज़रूरत नहीं लेकिन रिजर्व बैंक का कहना है कि इस तरह चेक लौटाना नियमों के खिलाफ़ है। आरबीआई का कहना है कि चेक रिटर्न मेमो में वापसी की तिथि के साथ ही एक पर्ची भी होनी चाहिए जिसमें भुगतान नहीं होने की वजह हस्ताक्षर के साथ लिखी हो।