यह ख़बर 26 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'वित्त वर्ष 2011-12 में 8.2 प्रतिशत रहेगी विकास दर'

खास बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2011-12 में देश में अर्थव्यवस्था की विकास दर 8.2 प्रतिशत रह सकती है।
नई दिल्ली:

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2011-12 में देश में अर्थव्यवस्था की विकास दर 8.2 प्रतिशत रह सकती है। इससे पहले बैंक ने इस वर्ष विकास दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था। सर्वेक्षण में शामिल आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सरकार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के पांच प्रतिशत के स्तर पर रहने का अनुमान व्यक्त किया है साथ ही वर्ष के अंत तक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर 7 से 7.9 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे पहले आरबीआई ने तीन मई को जारी की गई मौद्रिक समीक्षा में इस वर्ष के अंत तक महंगाई दर छह प्रतिशत के स्तर पर रहने का अनुमान जताया था। आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों के निष्कर्षो पर आधारित आरबीआई के इस सर्वेक्षण में कहा गया कि प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें रेपो और रिवर्स रेपो रेट 7.25 प्रतिशत और 6.25 प्रतिशत के मौजूदा स्तरों के आस-पास ही बनी रह सकती हैं। आरबीआई ने अपनी पिछली मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी। विशेषज्ञों के निष्कर्षो के आधार पर आरबीआई ने अपने सर्वेक्षण में कहा कि ब्याज दरों में अगले चार से छह महीने में 25 से 50 आधार अंकों की और वृद्धि हो सकती है लेकिन इसके बाद ब्याज दरों में कमी आना शुरू हो जाएगी। सर्वेक्षण में इस साल कृषि क्षेत्र की विकास दर 3.1 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र की विकास दर 8.2 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की विकास दर 9.6 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। सर्वेक्षण के मुताबिक इस वर्ष देश के निर्यात में 17.2 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है इससे पहले 17.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। वहीं आयात में 20 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है जबकि इससे पहले यह वृद्धि 18 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था।


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