खास बातें
- RBI ने FII और कारोबारियों के लिए स्थानीय मुद्रा में वायदा कारोबार में कुछ बंदिशें लगा दी हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में बैंकों के कारोबार की भी सीमा तय कर दी।
मुंबई: डॉलर के मुकाबले तेजी से गिरते रुपये को थामने के लिए गुरुवार को रिजर्व बैंक हरकत में आया। केन्द्रीय बैंक ने विदेशी संस्थागत निवेशकों और कारोबारियों के लिए स्थानीय मुद्रा में वायदा कारोबार में कुछ बंदिशें लगा दी हैं। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा बाजार में बैंकों के कारोबार की भी सीमा तय कर दी। रिजर्व बैंक ने आज कंपनियों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की विदेशी मुद्रा विनिमय अनुबंधों की रि-बुकिंग सुविधा को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया। इसके अलावा केन्द्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार के लिये अधिकृत बैंकों की कारोबार सीमा भी घटा दी है। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि यह कदम हाल के दिनों में विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में हुये घटनाक्रम को देखते हुये उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के इतिहास में आज पहली बार 54 रुपये के स्तर तक फिसल गया और 54.30 रुपये प्रति डॉलर की तलहटी को छू गया। पिछले साढ़े चार माह में डॉलर के मुकाबले रुपया 20 प्रतिशत तक घट चुका है। रिजर्व बैंक ने आज जारी अधिसूचना में कहा है भारतीयों द्वारा बुक किये गये वायदा अनुबंध चाहे उनका कोई भी टाइप हो अथवा समयावधि, एक बार निरस्त होने पर उन्हें फिर से बुक नहीं किया जा सकेगा। आयातकों और निर्यातकों के लिये भी विदेशी मुद्रा जोखिम कवर से बचने के प्रावधान को भी पिछले तीन साल के औसत कारोबार के 75 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। इस प्रावधान से आयातक अथवा निर्यातक विदेशी मुद्रा को ज्यादा समय तक बाहर नहीं रख सकेंगे।